सतगुरु के वचनों की दिव्यता मनुष्य का लोक एवम परलोक दोनों सुधार देती है स्वामी कृष्णानन्द महाराज

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द) कनखल सन्यास रोड स्थित श्री स्वामी चेतनानन्द गिरी सन्यास आश्रम में श्री दुर्गेशानन्द महाराज के दादा गुरु स्वामी आद्रानंद महाराज की पावन स्मृति में एक विशाल संत भंडारे का आयोजन किया इस अवसर पर स्वामी कृष्णानन्द महाराज ने कहा सतगुरु पार ब्रह्म है सतगुरु वह भवसागर पार जाने वाली नैया है जो पलक झपकते ही धर्म कर्म भजन पाठ पूजा सत्संग के माध्यम से भवसागर पार करा देते हैं सतगुरु का ज्ञान अनंत है जो सच्चे मन से सतगुरु के बतायें मार्ग पर चलता है उसका यह लोक तो सुधर ही जाता है परलोक भी सुधर जाता है इस अवसर पर महंत सुतीक्ष्ण मुनि महाराज महंत गोविंद दास महाराज महंत कमलेशानंद महाराज स्वामी कृष्णानंद महाराज उपस्थित थे स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती महाराज ने अपने सतगुरु देव की पावन स्मृति में यह पावन भंडारा कराया।