सतगुरु देव की पावन स्मृति हमारे मन मस्तिष्क को प्रकाशमान कर देती है श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द( खड़खड़ी स्थित प्रसिद्ध श्रीगंगा भक्ति आश्रम में अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती महाराज ने कहा आश्रम का 44 वां वार्षिक अधिवेशन प्रातः स्मरणीय परम वंदनीय गुरु भगवान श्री श्री 1008 स्वामी राघवानन्द सरस्वती जी महाराज की पावन स्मृति में 3 जून से आरम्भ होगा इस अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव की पावन कृपा स्वरूप भक्तजनों पर संत महापुरुषों के श्री मुख से बहेगी ज्ञान की गंगा परम पूज्य गुरुदेव 1008 श्री श्री राघवानन्द सरस्वती जी महाराज इस पृथ्वी लोक पर ज्ञान का एक गंगासागर थे उनके ज्ञान रूपी पावन सरोवर में स्नान कर भक्तों के भाग्य का उदय हो जाया करता था हम सतगुरु के बतायें मार्ग पर चलते हुए आपके जीवन को भजन सत्संग यज्ञ अनुष्ठान कथा के माध्यम से कल्याण की और ले जाने का प्रयास कर रहे इस पृथ्वी लोक पर सतगुरु द्वारा दिया जाने वाला ज्ञान सारस्वत है हमारे सतगुरु देव हमारा मार्गदर्शन करने हेतु ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में इस धरती लोक पर अवतरित होते हैं उनके ज्ञान का प्रताप हमारे भाग्य का उदय कर देता है।