सतगुरु के श्री मुख से निकलने वाला ज्ञान सूर्य के सामान प्रकाशमान होने के साथ-साथ मानव जीवन को सार्थकता प्रदान करने वाला होता है श्री गंगा आरती धाम के वार्षिक उत्सव में बोले श्री महंत वीरेंद्र स्वरूप महाराज

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार 16 मई (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) श्यामपुर कांगड़ी स्थित श्री गंगा आरती धाम में वार्षिक उत्सव समारोह बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास के साथ संत महापुरुषों की गरिमा मय उपस्थित के बीच मनाया गया इस अवसर पर बोलते हुए परम पूज्य गुरुदेव अनंत विभूषित महामंडलेश्वर स्वामी परम हंस योगी प्रबोधानन्द गिरि महाराज ने कहा संतो के पावन दर्शन और संगत मनुष्य के मन मस्तिष्क में ज्ञान का उदय कर देते हैं संत महापुरुष ज्ञान के सूर्य के रूप में इस पृथ्वी लोक पर अवतरित होते हैं अपनी ज्ञान रूपी त्रिवेणी में स्नान करा कर हमारे जीवन को धन्य तथा सार्थक कर देते हैं इस अवसर पर बोलते हुए महंत महामंडलेश्वर चिदविलासानंद महाराज ने कहा जहां संत हैं वहां सनातन है एवम धर्म है संत महापुरुष संपूर्ण विश्व को सनातन का पाठ पढ़ाकर भगवान राम द्वारा स्थापित सनातन परंपरा का निर्वाह करते हैं इस अवसर पर बोलते हुए श्री गंगा आरती धाम के श्री महंत जिला प्रभारी हिंदू रक्षा सेवा श्री वीरेंद्र स्वरूप महाराज ने कहा सतगुरु हमारे जीवन की सार्थकता है हमारे सतगुरु देव अपने पावन ज्ञान का वर्ण करा कर हमारे मन मस्तिष्क एवम भाग्य का उदय कर देते हैं हमारे मठ मंदिर आश्रम अखाड़े संपूर्ण विश्व में सनातन का शंखनाद कर हमारी भारतीय सभ्यता संस्कृति आचार विचार को संपूर्ण विश्व में स्थापित करते हुए आज भारत को पुनः विश्व गुरु स्थापित करने की और ले जा रहे हैं आज संपूर्ण विश्व में एकमात्र भारत ऐसा देश है जो विश्व भर के लोगों को धर्म ज्ञान एवं आध्यात्म का पाठ पढ़ाकर उन्हें कल्याण की और ले जा रहे हैं धर्म कर्म पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान तपोबल के बल पर हमारे संत महापुरुष संपूर्ण विश्व के लोगों को ईश्वर की अनुभूति कराते हैं धन्य है हमारी आस्था धन्य है हमारी परंपराये और विश्व में सर्वोपरि है हमारे संस्कार असली दिव्यता एवम भव्यता मनुष्य के संस्कारों में झलकती है अगर अपना जीवन सार्थक करना चाहते हो तो गुरु की शरण में जाओ इस पृथ्वी पर सतगुरु ही वह नैया है जो हमें ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक पाठ पढ़कर हमें आध्यात्मिक ज्ञान देते हैं हमें सही से ईश्वर की अनुभूति एवं आत्मज्ञान का बोध कराते हैं कि हम इस पृथ्वी पर किस लियें आये थे पेट तो पशु भी भर लेते हैं किंतु जो दूसरों के लियें जिये जो सभी के कल्याण की सोच रखें जो सभी को उद्धार के मार्ग पर ले जाये वह हमारे सतगुरु होते हैं श्री महंत वीरेंद्र स्वरूप महाराज ने कहा बड़े भाग्यशाली होते हैं वह लोग जिनके जीवन में गुरु का मार्गदर्शन होता है इस पृथ्वी पर सतगुरु देव ही ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में हमें मार्ग दिखाने के लियें अवतरित होते हमे महंत सूरज दास महाराज ने कहा सतगुरु ज्ञान की मणि है सतगुरु के मार्गदर्शन के बिना यह मानव जीवन अधूरा है सतगुरु ही राम से मिलाते हैं और सतगुरु ही भवसागर पार कराते इस अवसर पर बोलते हुए नीलेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री हरिदास ने कहा मन में धैर्य का होना नितांत आवश्यक है जो धैर्य भगवान राम से मिलन की आस में माता शबरी ने रखा वही धैर्य और संतोष मन में धारण करो तो सब कुछ मंगल ही मंगल होगा भले ही देर से सही एक दिन सुनेंगे आपकी पुकार भगवान श्री राम और आपका यह मानव जीवन सार्थक हो जायेगा श्री गंगा आरती धाम आश्रम के सेवक कोतवाल कमल मुनि महाराज ने कहा संतो के दर्शन किसी पावन तीर्थ से कम नहीं होते अगर प्रातः ही आपको किसी संत रूपी तीर्थ के दर्शन हो जाये तो आपका पूरा दिन मंगलमय हो जाता है संत महापुरुषों का सानिध्य और संत महापुरुषों के श्री मुख से निकलने वाला ज्ञान हमारे मानव जीवन की सार्थकता है सतगुरु देव अपने ज्ञान के माध्यम से हमारे दिव्य चक्षु खोल देते हैं एवम हमारे भाग्य का उदय करते थे गुरुदेव ही है जो अज्ञानी से अज्ञानी मानव को एक विद्वान के रूप में परिवर्तित कर उसके भाग्य का उदय कर देते हैं महंत कमलेशा नंद सरस्वती ने कहा संत महापुरुषों का पावन सानिध्य मां गंगा के सामान पावन है संत महापुरुषों का पावन ज्ञान परम कल्याणकारी एक अंधकार में प्रकाशमान सूर्य के सामान है इस अवसर पर महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महाराज श्री महंत विष्णु दास महाराज परम तपस्वी संत बाबा हठयोगी महाराज महंत मोहनदास महाराज महंत दिनेश दास महाराज महंत रवि देव महाराज महंत कमलेशानन्द सरस्वती महंत ज्ञान दास महाराज महंत हरिदास महाराज महंत तीरथ सिंह महाराज महंत मस्त गिरी महाराज महंत शांति प्रकाश महाराज महंत नागा बाबा गजेंद्र गिरी महाराज महामंडलेश्वर सत्यवृत्तानन्द महाराज महंत प्रमोद दास महाराज महामंडलेश्वर ललितानंद महाराज महंत गोविंद दास महाराज महंत कन्हैया दास महाराज महंत सीताराम दास महाराज महंत सुतीक्ष्ण मुनि महाराज थानापति कौशाल गिरी महाराज महंत प्रहलाद दास महाराज महंत तेज दास महाराज महंत हितेश दास महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल देहरादून बाबा रमेशानंद कोतवाल रामदास महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तगण उपस्थित थे सभी ने आयोजित विशाल भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया।