कार्ष्णि भक्ति धाम गाजीवाला आर्य नगर में पावन श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ शुभारंभ के अवसर पर एक विशाल शोभा यात्रा स्वामी अमृतानंद महाराज के पावन सानिध्य में संत महापुरुषों की गरिमा मय उपस्थित के बीच निकाली गई

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार 29 में 2025( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद( कार्ष्णि भक्ति धाम गाजीवाला आर्य नगर में पावन श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ शुभारंभ के अवसर पर एक विशाल शोभा यात्रा परम पूज्य स्वामी अमृतानंद महाराज के पावन सानिध्य में संत महापुरुषों की गरिमा मय उपस्थित के बीच निकाली गई इस अवसर पर बोलते हुए आचार्य स्वामी ललितनन्द महाराज ने कहा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ जीवन कल्याण सुधा रस है अगर यह पावन कथा दूर से भी कान में श्रवण किया जाये तो मनुष्य का लोक एवम परलोक दोनों सुधर जाते हैं साथ ही उसके पितरों को भी मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी कमलेश्वरानन्द महाराज ने कहा संत महापुरुषों के श्री मुख से निकलने वाले सारस्वत ज्ञान को ग्रहण करने से मनुष्य को आत्मिक सुख की प्राप्ति तो होती ही है साथ-साथ उसके जन्मों जन्म के पुण्यों का भी उदय हो जाता है इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी अमृतानन्द महाराज ने कहा मात्र एक सप्ताह में यह पावन कथा श्रवण करने मात्र से इस क्षेत्र के प्रत्येक मनुष्य के जीवन में भारी बदलाव हो जायेगा उसे आत्मिक सुख के साथ-साथ दिव्य सुख की अनुभूति होगी इसलिये सभी ग्रामवासी पर्यतन करें क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति इस पावन कथा का श्रवण करने से चूक न जाये श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ सभी ग्रंथों का सार है इस पावन कथा का श्रवण करने से हमारा तन और मन पावन हो उठता है हमारा रोम रोम भक्ति मय हो उठता है साथ ही हमारे जीवन में सुख शांति तथा समृद्धि का वास होता है संत महापुरुष इस पृथ्वी लोक पर किसी तीर्थ से कम नहीं होते संत दर्शन से तीर्थ के दर्शन का फल प्राप्त होता है संत मिलन को जाईये तज ममता अभिमान जो जो पग आगे बढ़े कोटी ज्यज्ञ सामान इस अवसर पर बोलते हुए महंत स्वामी सत्यव्रतानन्द महाराज ने कहा श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ अति पुण्यदायी मोक्ष दाहिनी पावन कथा है यह पावन कथा हमारे मानव जीवन के जन्मो जन्म के पुण्यों का उदय कर देती हमारे ज्ञान चक्षु खोल देती है और हमारे भाग्य का उदय कर देती इस पावन कथा का आयोजन करने मात्र से मनुष्य को सैकड़ो यज्ञों का पुण्य प्राप्त होता है साथ ही हमारा लोक एवम परलोक दोनों सुधर जाते हैं हमारे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती हमारे भाग्य का उदय हो जाता है इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परम पूज्य स्वामी अमृतानन्द महाराज ने की कार्यक्रम में महंत स्वामी सत्यव्रतानन्द सरस्वती महंत स्वामी प्रतिभानंद महाराज महंत कमलेश्वरानन्द महाराज स्वामी साधनानंद महाराज ब्रह्मचारी दिव्य चैतन्य स्वामी विशुद्धानंद महाराज कथा व्यास परम पूज्य स्वामी सुमेधानंद जी कोतवाल रामेश्वर गिरी आनंद स्वामी चैतन्य महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तगण उपस्थित थे।