36 माह माता के गर्भ में पलने वाले तथा जीवित समाधि लेने वाले तपस्वी ज्ञान मूर्ति संत थे – स्वामी पुरसना राम जी महाराज

मनोज ठाकुर,हरिद्वार श्रवण नाथ नगर स्थित स्वामी पुरसना राम धाम मे 14 नवंबर 2023 को धर्म ध्वजा बंधन कार्यक्रम से संध्या सेवा भजन कीर्तन सत्संग कार्यक्रम परम पूज्य गुरुदेव श्री महंत साध परम विभूषित संत शिरोमणि श्री श्री मुकेश जी महाराज के पावन सानिध्य में आरंभ हुआ इस दौरान परम पूज्य साध शिरोमणि श्री श्री मुकेश जी महाराज ने कहा परम पूज्य गुरुदेव स्वामी पुरसना राम जी महाराज सिंध प्रांत के जगत कष्ट हरता भक्तजनों को कल्याण के मार्ग पर ले जाने वाले परम तेजस्वी परम तपस्वी ज्ञान मूर्ति संत थे अपनी माता के गर्भ में 36 माह तक बिना किसी परसव पीड़ा के रहने वाले तथा 36 माह बादभक्त जनों के कल्याण के लिए अपनी माता के गर्भ से इस धरा पर अवतरित होने वाले परम प्रतापी संत थे उन्होंने बीमार रोगियों गरीब जनो असहाय निशक्त लोगों की सेवा की उनके कष्ट हरे उन्हें आवश्यकता अनुसार भरण पोषण हेतु सभी वस्तुओं का वितरण कराया साथ ही अपने तपोबल ज्ञान के माध्यम से एक ऐसी भक्ति की ज्योत जलाई जो विश्व भर में धर्म और धार्मिक क्रांति के रूप में आज भी उनके आदर्श के रूप में विद्यमान है लगातार 17 वर्षों से हरिद्वार की पावन पीठ में वह अन्य पीठों में यह धर्म ध्वजा स्वामी जी के आदर्श के रूप में ज्ञान के रूप में एक अखंड ज्योति के रूप में लहरा रही है जो भी भक्त सच्ची आस्था के साथ परम पूज्य गुरु जी के धाम में आता है वह अपनी सभी मनोकामनाओं के पूर्ण होने की झोली भरकर हंसते गाते अपने गंतव्य की ओर जाता है परम पूज्य स्वामी जी ने जगत कल्याण के लिए बिना कुछ खाए पिये ध्यान योग में जाकर 12 वर्षों तक जगत कल्याण की भावना से बाबुल के पेड़ के नीचे तपस्या की आज भी वह बाबुल का पेड़ सिंध प्रांत में स्वामी जी की तपोस्थली बना हुआ है देश विदेश देश के कोने कोने से आने वाले भक्तजन मन्नतो की झोलियां फैला कर आते हैं और स्वामी जी के दरबार से खुशियों की झोली भरकर हंसते-खाते अपने घर को जाते हैं परम पूज्य स्वामी जी का तपोवन आज भी उनके द्वारा स्थापित पीठों में में विद्यमान है स्वामी जी ने जगत कल्याण की भावना से निहित होकर जीवित समाधि ली आज भी स्वामी जी कंठी माला फिराते हुए भक्तजनों के कष्ट हर रहे हैं उन्हें सुख शांति समृद्धि प्रदान करते हैं भक्तों के ऊपर आने वाले कष्टो को पूर्व आभास के तहत आने से पूर्व ही हर लेते हैं स्वामी जी आज भी अपने प्रत्येक भक्त पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए हुए हैं उन्हीं के समान परम तेजस्वी ज्ञान मूर्ति तपो मूर्ति भक्तों का कल्याण करने वाले तेजस्वी संत हैं परम पूज्य साध मुकेश जी महाराज