सिडकुल के पुलिस प्रशासन और एंकर पैनासोनिक प्रबंधन द्वारा मजदूर नेताओं पर लगाये गये फर्जी मुकदमों के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन एवं मजदूर विरोधी लेबर कोड्स को रद्द करने की विरोध में राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन भेजा गया

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार,सिडकुल के पुलिस प्रशासन और एंकर पैनासोनिक प्रबंधन द्वारा मजदूर नेताओं पर लगाये गये फर्जी मुकदमे के विरोध में आज जिला कलेक्ट्रेट परिसर पर विरोध सभा कर प्रदर्शन किया गया । और 20 मई को केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आव्हान पर मजदूर विरोधी लेबर कोड्स को रद्द करने व सार्वजनिक सम्पत्तियों का निजीकरण रोकने व ठेका प्रथा समाप्त करने व ट्रेड यूनियन आंदोलन के दमन के विरोध में मा राष्ट्रपति महोदय को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा तथा अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा 12 बजे जिला कलेक्ट्रेट परिसर पर एकत्र होकर सिडकुल एसोशिएशन और स्थानीय शासन प्रशासन के नापाक गठजोड़ के दम पर मजदूरों को और यूनियन नेताओं के ऊपर फर्जी मुकदमे लगाकर डराने धमकाने के विरोध में प्रदर्शन किया गया।इंकलाबी मजदूर केंद्र हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने विरोध प्रदर्शन में अपनी बात रखते हुए कहा कि एंकर पैनासोनिक के प्रबंधन वर्ग और पुलिस प्रशासन को 15 दिन का समय दिया गया था कि इंकलाबी मजदूर केंद्र के पंकज कुमार,जय प्रकाश संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के संयोजक व फूड्स श्रमिक यूनियन आईटीसी के महामंत्री गोविंद सिंह,व अध्यक्ष ब्रिजेश कुमार,कर्मचारी संघ सत्यम आटो के महिपाल सिंह, किर्बी श्रमिक कमेटी के संदीप कुमार अभिषेक पाल सूरज अवस्थी सुनिल कुमार, अरुण तथा क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासिर अहमद समेत 100 मजदूरों पर अज्ञात मुकदमा वापस नहीं होते हैं तो पुरे सिडकुल में आंदोलन की रणनीति बनायी जायेगी। 4 मई को एंकर पैनासोनिक के प्रबंधन और पुलिस प्रशासन का पुतला फूंक कर मज़दूरों के ऊपर लगाये गये फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग की गई थी। जबकि वास्तविकता यह थीं कि एंकर पैनासोनिक प्रबंधन द्वारा महिला मजदूरों का आर्थिक शोषण के साथ- साथ भयानक मानशिक उत्पीड़न किया जा रहा था। 20 सालो से काम करने पर भी 18 से 20 हजार रुपए ही दिये जाते थे। 8-10 सालों से ठेका मजदूरों को स्थाई करना तो दूर बल्कि 11000 हजार रुपए में निचोड़ा जा रहा था।
 
ये वो हालात थे जिस वजह से 4000 से अधिक महिला मजदूरों को लाचार हो कर सड़क पर उतरना पड़ा। मजदूरों का साथ देने के लिए कोई भी मजदूर संगठन जायेगा।
पुलिस प्रशासन सिडकुल के पूंजीपतियों व उनके प्रबंधन के खिलाफ कोई शिक़ायत नहीं सुनते हैं न कोई एफआईआर दर्ज करते हैं परन्तु पूंजीपतियों की शिकायत पर मिनट भी नहीं लगाते है।यह पुलिस प्रशासन की पूंजीपतियों के प्रति अपनी ” मित्रता” को दिखाता है।
विरोध प्रदर्शन व सभा में इंकलाबी मजदूर केंद्र के पंकज कुमार,जय प्रकाश संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा से जुड़ी यूनियन भेल मज़दूर ट्रेड यूनियन के महामंत्री अवधेश कुमार,फूड्स श्रमिक यूनियन आईटीसी के महामंत्री गोविंद सिंह, अध्यक्ष ब्रिजेश कुमार, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह, देव भूमि श्रमिक संगठन हिन्दुस्तान यूनिलीवर के अध्यक्ष शिशुपाल सिंह, महामंत्री दिनेश कुमार, जितेन्द्र कुमार, एवरेडी मजदूर यूनियन के महामंत्री अनिल कुमार,कोषाध्यक्ष संजीव कुमार,सतीश चन्द्र, चन्द्र शेखर, कर्मचारी संघ सत्यम आटो के महिपाल सिंह, किर्बी श्रमिक कमेटी के संदीप कुमार, अभिषेक, सूरज अवस्थी, प्रदीप सालार, गौतम कुमार,अरुण, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के नासिर अहमद समेत दर्जनों मजदूर उपस्थित रहे।प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष रजनी, सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता रुप चंद आजाद आदि उपस्थित हुए।