गुरु भक्ति ईश्वर भक्ति में ही निहित है सतगुरु ही सच्चे तारणहार श्री भगवद धाम में संत समागम में बोले स्वामी रविंद्रानन्द महाराज

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार श्रवण नाथ नगर स्थित प्रसिद्ध श्री भगवद् धाम आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा 14 मई से 21 मई तक चल रही है इस अवसर पर आश्रम में परम पूज्य गुरुदेव महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विवेकानन्द जी महाराज के पावन सानिध्य में एक विशाल संत समागम आयोजित किया गया इस अवसर पर बोलते हुए श्री स्वामी रविंद्रानन्द महाराज ने कहा गुरु भक्ति साक्षात ईश्वर की भक्ति है और गुरु सेवा साक्षात ईश्वर की सेवा है क्योंकि हमारे परम पूज्य वंदनीय गुरुदेव हमेशा ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं जो ईश्वर के हैं ईश्वर उनके हैं इसलिये गुरु भक्ति भी ईश्वर भक्ति में निहित है सतगुरु ही सच्चे तारणहार इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत विष्णु दास महाराज ने कहा बड़े सौभाग्य शाली होते हैं वह लोग जिन्हें सतगुरु की सेवा का अवसर प्राप्त होता है हमारे सतगुरु देव धर्म कर्म यज्ञ पूजा अनुष्ठान के माध्यम से हमारा लोक एवं परलोक दोनों सुधार देते हैं इस अवसर पर बोलते हैं श्री महंत रघुवीर दास महाराज ने कहा संत महापुरुष इस पृथ्वी लोक पर साक्षात ज्ञान की त्रिवेणी है जो भी उनके ज्ञान रूपी सरोवर में स्नान करता है उसका भाग्य उदय हो जाता है और सतगुरु की कृपा से उसका लोक एवं परलोक दोनों सुधर जाते हैं परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानन्द महाराज ने कहा श्रीमद् भागवत जैसी पावन कथा का श्रवण करने मात्र से मनुष्य का उद्धार हो जाता है उसके पितरों का तर्पण हो जाता है एवम इस पावन कथा का आयोजन कराने वाले भक्तों के जीवन में धन-धान्य की वर्षा होती है उसके परिवार में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है इस अवसर पर महामंडलेश्वर गंगादास उदासीन महंत दिनेश दास महाराज महंत रवि देव महाराज सहित सभी आश्रमों के महंत श्री महंत महामंडलेश्वर संत महापुरुष उपस्थित थे इस अवसर पर भारी संख्या में भक्तजन भी उपस्थित थे सभी ने आयोजित विशाल भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया।