कौन क्या कर रहा है क्यों कर रहा है इस बात से कोई मतलब नहीं होना चाहिये एक साधक को अपनी साधना में लीन रहना चाहिये श्री महंत रघुवीर दास महाराज

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द) श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े के परमा ध्यक्ष श्री महंत रघुवीर दास जी महाराज ने जीवन में खुश रहने का मूल मंत्र भक्तों को देते हुए कहा खुश रहने का एक सीधा सा मंत्र है कौन क्या कर रहा है कैसे कर रहा है क्यों कर रहा है इससे आप जितना दूर रहेंगे अपने मन की शांति के उतना ही करीब रहेंगे और इससे भी अधिक हरि की भक्ति जो आपके मन को संतोष और अपार सुख प्रदान कर सकती है वह सुख कहीं और नहीं मिल सकता जिस प्रकार दूषित विचार विचार मन को बिगाड़ना वाले होते हैं इसी प्रकार संगत का भी मनुष्य के जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है अगर आप गलत विचारधारा के लोगों के पास उठना बैठना करेंगे तो उनकी विचारधारा एक दिन आपके जीवन को भी प्रभावित कर देगी इसलिये अच्छे संस्कार ग्रहण करने के लिये गुरुजनों की संगत करें अच्छे धर्म प्रेमियों की संगत करें और स्वस्थ मन से राम भजन करें यही इस लोक में भी काम आयेगा और परलोक में भी काम आयेगा मनुष्य की संगत का उसके जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है।