नगर निगम हरिद्वार को सूचना में देरी करने के कारण जारी हुआ आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस:-कपिल शर्मा जौनसारी

हरिद्वार,राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट द्वारा नगर निगम हरिद्वार के सहायक लोक सूचना अधिकारी/ सहायक अभियंता निर्माण अनुभाग एवं सफाई निरीक्षक, स्वास्थ्य अनुभाग को अपीलार्थी तक सूचना की पहुच में बाधा उत्पन्न करने के चलते सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के अंतर्गत नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगते हुए यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि उपरोक्त कारण के चलते क्यो न उनपर 250 रु प्रतिदिन की दर से अधिकतम 25000 रु की धनराशि शास्ति अधिरोपित कर दी जाए । आयोग द्वारा एक मामले की सुनवाई के दौरान अपने आदेश दिनांकित-03/08/2023 में निर्देश देते हुए यह भी कहा गया है कि दोनों सहायक लोक सूचना अधिकारी अपन स्पष्टीकरण सुनवाई की अग्रेत्तर तिथि में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें तथा आदेश प्राप्ति के एक सप्ताह के अंदर निर्माण अनुभाग से संबंधित बिंदुओं की सूचना लोक सूचना अधिकारी/प्रभारी सहायक नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार को प्रेषित करना सुनिश्चित करें। साथ ही उपरोक्त नोटिस की तामीली वर्तमान लोक सूचना अधिकारी नगर निगम हरिद्वार द्वारा कराए जाने के लिए कहा गया है। इसी क्रम में आयोग द्वारा लोक सूचना अधिकारी/प्रभारी सहायक नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार अधिनियम की धारा 5(4) के तहत अपने वरिष्ठ/समकक्ष/अधीनस्थ से वांछित सहयोग नही मिलने पर वह इसे लिखित रूप में लोक प्राधिकारी/नगर आयुक्त नगर निगम को अवगत कराएं जाने के निर्देश दिए है। बता दें कि भूपतवाला के सामाजिक कार्यकर्ता कपिल शर्मा जौनसारी ने नगर निगम हरिद्वार में सूचना हेतु आवेदन किया था जिसकी सूचना उन्हें ससमय उपलब्ध नही कराई गई। मामले में उन्होने विभाग के प्रथम विभागीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील की, जिसमें संबंधित अधिकारी द्वारा लोक सूचना अधिकारी को निःशुल्क सूचना उपलब्ध कराने के लिए आदेशित किया। बावजूद इसके भी लोक सूचना अधिकारी ने अपीलकर्ता कपिल शर्मा जौनसारी को सूचनाएं उपलब्ध नही कराई। जिसके चलते जौनसारी ने अपने अधिवक्ता हिमांशु सरीन एडवोकेट से सम्पर्क कर मामले की अपील राज्य सूचना आयोग में की जिसके बाद आयोजित सुनवाई में आयोग द्वारा अपीलार्थी को सूचना पहुचने में देरी के चलते सहायक लोक सूचना अधिकारी/ सहायक अभियंता निर्माण अनुभाग एवं सफाई निरीक्षक, स्वास्थ्य अनुभाग नगर निगम हरिद्वार को अपीलार्थी तक सूचना की पहुच में बाधा उत्पन्न करने के चलते सूचना का अधिकार अधिनियम2005 की धारा 20 (1) के अंतर्गत नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। जौनसारी के अनुसार नगर निगम हरिद्वार द्वारा आमजनमानस को सूचना उपलब्ध न कराते हुए उसका अधिकार हनन किया जाता आ रहा है। उन्होने बताया कि के अन्य मामलें में भी आयोग द्वारा नगर निगम हरिद्वार के सहायक लोक सूचना अधिकारी पर देरी से व झूठी एवं भ्रामक सूचना अपीलार्थी तक पहुँचाने के कारण अधिनियम की धारा 20 (2) का नोटिस जारी किया गया है जिसमे भी अग्रिम तिथि तक संबंधित द्वारा अपने स्पष्टीकरण दिए जाने है। साथ ही उस मामलें में राज्य सूचना आयोग द्वारा भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी जताई थी और अपीलार्थी को ऐसी जानकारियों को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी लाने के लिए कहा गया था। अपीलार्थी के अधिवक्ता हिमांशु सरीन एडवोकेट के अनुसार मामलें में अपीलार्थी को कुछ सूचनाएं उपलब्ध कराई गई है जो कि अधूरी है। अगली तिथि दिनांक-29/08/2023 को नियत की गई है। बताया कि जनहित में मांगी गई सूचना में नगर निगम हरिद्वार द्वारा किन्ही नियमों का उल्लंघन किया गया है जिसका जल्द ही खुलासा कर मीडिया के माध्यम से उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा ओर दोषियों पर नियमानुसार कार्यवाही करवाई जाएगी। उन्होंने नगर निगम हरिद्वार के अधिकारियों पर जनहित के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित किये जाने की भी बात कही।