मां चामुंडा देवी कलश स्थापना शोभा यात्रा रोकी गई

हरिद्वार 15 अक्टूबर 2023 को मां चामुंडा देवी के भक्तजनों ने हर की पौड़ी से कलश स्थापना यात्रा शुरू की जो मुख्य मार्ग से होते हुए ब्रह्मपुरी ब्रह्मपुरी से बिल्केश्वर मंदिर पहुंची जहां पर राजाजी नेशनल पार्क से संबंधित अधिकारियों तथा वन विभाग के कर्मचारियों ने बिल्केश्वर मंदिर का गौरी कुंड की ओर जाने वाला मार्ग बंद कर शोभा यात्रा को बिल्केश्वर मंदिर परिसर में ही रोक दिया शोभा यात्रा कलश स्थापना यात्रा मां चामुंडा देवी उत्थान समिति के अध्यक्ष श्री सुनील भाई कर रहे थे पंडित तोताराम कलश अपने शीश पर रखें वन विभाग कर्मियों से कैलाश मंदिर में ले जाने का आग्रह करते दिख रहे थे किंतु श्री गणेश बहुगुणा डिप्टी रेंजर श्री महेश प्रसाद सेमवाल डिप्टी रेंजर मेघपाल डिप्टी रेंजर श्री सत्येंद्र चौहान तथा योग्यता मुंशी वन विभाग साकेत बहुगुणा सहित अनेको फॉरेस्ट कमी उन्हें आगे जाने से रोके हुए थे समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रकार का कोई परिणाम दिखाई नहीं पड़ा दोनों पक्ष अपनी-अपने जिद पर अड़े हुए थे एक पक्ष कह रहा था आगे नहीं जाने देंगे दूसरा पक्ष कह रहा था हम कलश माता के दरबार में स्थापित करेंगे इस अवसर पर चामुंडा देवी कलश शोभा यात्रा में मुख्य रूप से सुनील भैया विष्णु पांडे सुमित कुमार मानिक गिरी मुकेश गिरी नवीन रावत हर्ष शर्मा दीपांशु ठाकुर पंडित तोताराम नैतिक कुमार कृष्ण विला दयाराम सहित अनेको भक्त मां चामुंडा देवी कलश ले जाने की जिद पर अड़े हुए थे किंतु वन विभाग कर्मचारी दूसरी ओर ताला लगाकर मुस्तादी के साथ उन्हें रोके हुए थे इस दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत वन मुख्यालय द्वारा चामुंडा देवी मंदिर जाने के लिए अनुमति के संदर्भ में मांगे गए सवाल जवाब तथा उत्तर का आदेश मां चामुंडा देवी के भक्तगण वन कर्मियों को दिखाकर उन्हें बताना चाह रहे थे कि इस नियम के अंतर्गत उन्हें जान दिए जा सकता है जाने की अनुमति दी जा सकती है देवी माता देवी तथा ईश्वर की पूजा अर्चना से कोई सरकार कोई विभाग किसी को भी नहीं रोक यह हमारे हिंदुत्व हमारे सनातन धर्म की भावना के साथ खिलवाड़ है मां चामुंडा देवी के भक्त श्री विष्णु पांडे ने कहा हम मां के आस्थावान भक्त हैं हमें किसी से कोई विवाद नहीं करना है ना ही वाद विवाद में फसना है हमें शांतिपूर्वक कलश माता के दरबार में स्थापित करने हेतु जाना दिए दिया जाए हम किसी की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं कर रहे हैं अपने देवी देवताओं की आराधना हेतु मंदिर जाना चाह रहे हैं हमें रोका जाना उचित नहीं है यह हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ है