गीता कुटीर तपोवन में महापुरुषों का संत समागम हुआ संपन्न

मनोज ठाकुर,हरिद्वार हरिपुर कला स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री गीता कुटीर तपोवन में आयोजित संत समागम मे बोलते हुए जूना अखाड़े के पूर्व सचिव श्री देवानंद सरस्वती ने कहा परम पूज्य स्वामी गीतानंद जी महाराज का तेज एवं तपोबल किसी सूर्य के प्रकाश से काम नहीं साधु संत ऋषि मुनि कभी मरते नहीं वह विचारों के रूप में अपने आदर्शों के रूप में अपने किए गए जगत कल्याणकारी कार्यों के रूप में हम लोगों के बीच सदैव विद्यमान रहते हैं इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद जी महाराज ने कहा एक ऐसे महापुरुष थे स्वामी गीतानंद जी महाराज जिन्होंने एक बार उनके दर्शन किए वह भक्त धन्य हो गए उनका जीवन धन्य हो गया गीतानंद जी महाराज त्याग तप और तपस्या की एक अखंड मूर्ति थे अपने आदर्शों के रूप में अपने दिए गए ज्ञान के रूप में वे सदैव हम लोगों के बीच विद्यमान रहेंगे परम पूज्य स्वामी गीतानंद जी महाराज द्वारा जलई धर्म की अखंड ज्योत संपूर्ण विश्व में सनातन धर्म को और अधिक मजबूत तथा प्रखर करने का कार्य कर रही है इस अवसर पर बोलते हुए निर्मल पंचायती अखाड़े के श्री महंत पीठाधीश्वर परम पूज्य श्री ज्ञान देव जी महाराज ने कहा सूर्य को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं होती स्वामी गीतानंद जी महाराज के धर्म कर्म और तपस्या का तेज साक्षात सूर्य के प्रकाश के समान था जो आज भी गीता कुटीर तपोवन में विद्यमान है जहां हजारों साधु संत ऋषि मुनि प्रतिदिन भोजन कर मंत्र उच्चारण के साथ विधि विधान से लंगर में भोजन करते हैं हजारों गरीब लोगों को यहां अन्न वस्त्र प्राप्त होता है ऐसे तपस्वी महापुरुष का नाम लेने से ही मनुष्य की सभी ज्ञान इंद्रियां जाग जाती हैं जिन लोगों ने उनकी सेवा की जिन लोगों को उनका सत्संग सुनने के लिए मिला जिन लोगों को उनके सानिध्य प्राप्त हुआ वह लोग बड़े ही धन्य तथा भाग्यशाली हैं इस अवसर पर परम पूज्य स्वामी अवशेषानंद जी महाराज महामंडलेश्वर ललितानंद महाराज महामंडलेश्वर स्वामी परमात्मा देव महाराज महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद महाराज श्री महंत ज्ञान देव महाराज श्री महंत रवि देव महाराज श्री महंत सुतीक्ष्ण मुनि महाराज श्री महंत दिनेश दास महाराज महंत खजान दास महाराज स्वामी केशवानंद महाराज सरवन दास महाराज श्याम गिरी महाराज स्वामी प्रेमानंद जी महाराज व्यवस्थापक श्री शिवदयाल दुबे देहरादून बाबा रमेशानंद वरिष्ठ कोतवाल कालीचरण महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तजन उपस्थित थे