धर्म की रक्षा के लिए बारंबार लेते हैं, प्रभु अवतार: मनकामेश्वर गिरी

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सम्पादक प्रमोद कुमार

*** जीवन में भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य दुर्लभ : आचार्य उद्धव मिश्रा

 

***भागवत कथा के चौथे दिन कथा पांडाल में धूमधाम से मनाया भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

हरिद्वार | श्री पंचमुखी हनुमान दुर्गा मंदिर के संस्थापक महंत मनकामेश्वर गिरी महाराज ने कहा कि जब-जब भी धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुईं, परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रुप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया। मुख्य यजमान गौरव अग्रवाल, सुधा रानी, और प्रियंका अग्रवाल ने पूजा संपन्न कराई।
बताते चलें कि श्री बालाजी धाम धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री पंचमुखी हनुमान दुर्गा मंदिर के प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास आचार्य उद्धव मिश्रा ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए चौथे दिवस भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन किया।कथा में कृष्ण जन्म का वर्णन होने पर समूचा पांडाल खुशी से झूम उठा। मौजूद श्रद्धालु भगवान कृष्ण के जेजेकार के साथ झूमकर कृष्ण जन्म की खुशियां मनाई। उन्होंने रामकथा का संक्षिप्त में वर्णन करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने धरती को राक्षसों से मुक्त करने के लिए अवतार धारण किया। आचार्य उद्धव मिश्रा ने कहा कि जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बड़ा दुर्लभ है। जब भी हमें यह सुअवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए। कथा सुनते हुए उसी के अनुसार कार्य करें। कथा का सुनन तभी सार्थक होगा। जब उसके बताए हुए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करें। कथा सुनने नगर सहित आसपास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कथा में अखिलेश राजपूत, प्रभु नारायण मिश्र, शांतनु ठाकुर, उमा धीमान प्रिंसी त्यागी, विनिता राजपूत, पूनम सिंह, मोहिनी बंसल, निशा शर्मा, रूकमणि प्रजापति, बबली प्रजापति, राजबाला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन मौजूद रहे।

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