महाकुम्भ मे भक्ति के साथ देशभक्ति भी जरूरी -श्री महंत रविंद्र पुरी
सम्पादक प्रमोद कुमार
 
वरिष्ठ पत्रकार राकेश वालिया प्रयागराज, महाकुंभ 2025 में एक और जहां धर्म और आस्था का मेला लगा है। वही देशभक्ति का रंग भी अखाड़े में देखने को मिला । क्योंकि महाकुंभ में श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े की छावनी में 26 जनवरी कों 76वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सभी संत महापुरुषों और श्रद्धांलुओं ने नमन किया। और महाकुंभ से देश भक्ति का पैगाम पूरी दुनिया को दिया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 26जनवरी कों 76वे गणतंत्र दिवस पर निरंजनी अखाड़े की छावनी मे अखाड़े के संत महापुरुष और श्रद्धालुओ के साथ ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को नमन किया। उन्होंने कहा की राष्ट्रीय ध्वज देश की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने की अखाड़े में भक्तिमय वातावरण के बीच देश भक्ति का अपना रंग हैं जो हर भारत वासी के लिए गर्व की बात हैं । उन्होंने कहा की यह अवसर शौर्य, त्याग और भारत की स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है। साथ ही यह अवसर देशभक्ति की भावनाओं को और भी प्रगाढ़ करता है।
अखाड़ा सचिव श्री महंत राम रतन गिरी ने कहा कि 76वे गणतंत्र दिवस पर आस्था के महाकुम्भ में देशभक्ति का अद्भुत रंग देखने को मिला। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर संगम में डुबकी लगाई और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कुम्भ मेला, जो अपने आप में एक विशाल धार्मिक आयोजन है, इस बार गणतंत्र दिवस के साथ जुड़कर देशभक्ति के प्रतीक के रूप में सामने आया। यहां पर भक्तों ने राष्ट्र की प्रगति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए प्रार्थना की, साथ ही भारतीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए देश की शान को बढ़ाया। गणतंत्र दिवस पर यह दृश्य देश की विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण बनेगा।
इस अवसर पर आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालका नंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद, महामंडलेश्वर स्वामी ललित नंद गिरी ,श्री महंत शंकारानंद, श्री महंत ओमकार गिरी, श्री महंत दिनेश गिरी ,श्री महंत राधे गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरी,महंत राकेश गिरी,महंत शिववन,महंत सतीशवन, महंत राजगिरी,आदि संत महापुरुष भी मौजूद रहे।

