गुरु रविदास मंदिर मौ.कडच्छ ज्वालापुर मे हर्षोल्लास व धूमधाम से निकाली गई भगवान रविदास की शोभायात्रा
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार गुरु रविदास मंदिर समिति मौ.कडच्छ ज्वालापुर हरिद्वार मे रविदास जयन्ती के शुभ अवसर पर शोभायात्रा बडे हर्षोल्लास व धूमधाम से निकाली गई
 
संत रविदास शोभायात्रा कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि रविदासाचार्य पूर्व विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर एवं विशिष्ट अतिथि पवन नौटियाल समाज सेवी रहे।मुख्य अतिथि व विशिष्ठ अतिथियो द्वारा रिबन काटकर पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा का उद्घाटन किया।
शोभायात्रा ज्वालापुर रेलवे फाटक से शुरु होकर अम्बेडकर नगर, शास्त्री नगर, मौ.कडच्छ, अम्बेडकर चौक,मंडी का कुआ,ज्वालापुर बाजार होते हुए वापस रविदास धर्मशाला रेलवे फाटक पर सम्पन्न हुई इस अवसर पर जगह जगह शोभायात्रा पर फूल बरसाकर व प्रसाद बांटकर स्वागत किया गया।शोभायात्रा मे बैंड-बाजे डीजे,उंट,घुड़सवार,डपली आदि आकर्षण का केन्द्र रही।रविदास-मीरा शिव-पार्वती व अन्य झांकियो ने श्रद्धालुओ का मन मोह लिया।फूलो की बारिश भी आकर्षण का बिन्द रही।

संत रविदास जी के योगदान पर प्रकाश डालते हुए सुरेश राठौर रविदासाचार्य पूर्व विधायक ज्वालापुर ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में भेदभाव और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष किया। उनका संदेश हमेशा समानता, भाईचारे और एकता का रहा। उन्होंने अपनी वाणी और शिक्षाओं के माध्यम से समाज को जात-पात और भेदभाव से मुक्त करने की दिशा में काम किया। उनका जीवन इस बात का प्रतीक है कि समाज में असमानता और अत्याचार के खिलाफ हमें हमेशा खड़ा होना चाहिए। वे एक ऐसे महान संत थे, जिनकी शिक्षाएं आज भी समाज के हर वर्ग को प्रेरित करती हैं। उनका संदेश था कि भगवान सभी के भीतर हैं और हमें समाज में एकजुट होकर साथ चलने की आवश्यकता है।
उन्होने कहा कि हमारे समाज को संकीर्ण विचारधाराओं से ऊपर उठकर सभी को समान दृष्टि से देखना होगा और यही संत रविदास जी की का मूल संदेश भी है। उनके आदर्शों पर चलकर हम एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकते हैं, जहां सभी को समान अधिकार मिलें और जहां सब समाज और सब का सम्मान हो।

इस अवसर पर पवन कुमार समाजसेवी विशिष्ट अतिथि ने कहा कि संत रविदास महाराज का योगदान न केवल धार्मिक उन्नति के लिए था, बल्कि उन्होंने भारतीय समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक धारा को भी एक नई दिशा दी। संत रविदास जी ने भारतीय समाज में दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए बराबरी का हक देने का आह्वान किया। उनके विचारों में यह स्पष्ट था कि भगवान किसी भी व्यक्ति को जाति या वर्ण के आधार पर भेदभाव नहीं करते। वे मानते थे कि हर व्यक्ति के भीतर दिव्यता और प्रभु का अंश है।
उन्होने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में समानता और भाईचारे की स्थापना के लिए महान कार्य किए। संत रविदास जी ने धर्म और जातिवाद के बीच की दीवारों को ढहाने की कोशिश की,उन्होने वेदों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रसार किया। इस महान व्यक्तित्व ने समाज को जागरूक किया। इनका योगदान आज भी हमारे समाज को प्रेरित करता है कि हम हर व्यक्ति को समान समझें और सभी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करें।
शोभायात्रा मे मुख्य रूप से वीरेंद्र कुमार अध्यक्ष,कोषाध्यक्ष रविन्द्र कुमार,महामंत्री दीपक राठौर,रमन राठौर डारेक्टर,मंजीत नोटियाल,प्रवीण कुमार कुलभूषण,सुनील कुमार पार्षद,विशाल राठौर,अमन गर्ग,सतीश कुमार,तीर्थपाल रवि,श्यामल दबौड़िए,विजय पाल सिंह,सोमपाल,जयन्ती प्रकाश, धर्मेन्द्र,मांगेराम,पुनीत कुमार,योगेंद्र पाल रवि,राजन,जोगेन्द्र रराठौर, नारायण,आदि हजारो श्रद्धालुओ ने भाग लिया।

