कल तो काल का नाम है कल कभी आता ही नहीं जो भी करना है आज करो हरि भजन करना है आज करो दान सत्य कर्म करना है आज करो

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सम्पादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार 13 फरवरी 2025 (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द) श्यामपुर स्थित श्री श्याम वैकुण्ठ धाम के परमाध्यक्ष श्री महंत श्यामसुंदर दास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से उद्गार व्यक्त करते हुए कहा मनुष्य को सत्य कर्म पूजा पाठ हरि भजन यज्ञ अनुष्ठान करते समय कभी कल पर नहीं टालना चाहिए आज मनुष्य की जरूरत है और कल कभी उसके जीवन में आता ही नहीं कहने का तात्पर्य यह है जिसे आप कल कह रहे हैं जब आपके जीवन में वह आयेगा तो वह कल नहीं होगा आज बनकर आयेगा उसे आज आप कल कह रहे हैं लेकिन कल को उसे कल नहीं आज कहेंगे इसलिये अगर आपको कोई अच्छा कार्य करना है तो उसे कल पर मत छोड़ो उसे आज ही करो क्योंकि जिसे आप कल कह रहे हैं
वह कल कभी आपके जीवन में नहीं आयेगा पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान करने में कभी विलंब नहीं करना चाहिए क्योंकि कल करते-करते मनुष्य की वृद्ध अवस्था आ जाती है वह कल मनुष्य के जीवन में आज बनकर ही आयेगा अगर हरि भजन करना है तो आज ही आरंभ करें अगर दान यज्ञ अनुष्ठान करना है तो आज ही करें अगर कोई अच्छी शुरुआत करनी है तो आज ही करें लंकापति रावण स्वर्ग को सीढी लगाने का अपना संकल्प कल के चक्कर में कभी पूरा नहीं कर पाया क्योंकि कल कभी जीवन में आता ही नहीं वह कहता रहा पानी से काई दूर कर दूंगा स्वर्ग को सीढ़ी लगा दूंगा आग से धुआं निकलना बंद कर दूंगा सोने में सुगंध कर दूंगा किंतु कल करूंगा और वह कल उसके जीवन में कभी नहीं आई और कल कल करते हुए चला गया इसलिए कल करे सो आज कर आज करे सो अब जग में परलय आयेगी फिर कब करेगा कब किसी भी कार्य को मनुष्य को कल पर नहीं छोड़ना चाहिये ईश्वर ने आज बनाया है आज में जियो क्योंकि कल कभी नहीं आयेगी अगर आयेगी जिसे आप कल कह रहे हैं वह कल को आपके जीवन में आज बन जायेगा अगर प्रयास करना है तो रामसेतु बनाने की तरह करो कोई भी कार्य कठिन नहीं होता जब 1200 किलोमीटर से भी अधिक लंबे समुद्र पर सेतु बांधा जा सकता है वह भी बिना किसी संसाधनों के तो इस जीवन में कोई भी कार्य कठिन नहीं होता अगर मनुष्य करना चाहे तो सब कुछ कर सकता है सिर्फ जीवन में लक्ष्य साधने की आवश्यकता होती है

 

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