श्री गुरु रविदास लीला समिति के 66वें वार्षिकोत्सव का समापन मुख्य अतिथि मदन कौशिक विशिष्ट अतिथि त्रिलोक सिंह ने पुरस्कार वितरण कर किया।
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार श्री गुरु रविदास लीला समिति मौ.कडच्छ ज्वालापुर हरिद्वार मे 66वां वार्षिकोत्सव समारोह 10 फरवरी से 19 फरवरी 2025 तक रंग मंच पर स्थानीय कलाकारो द्वारा बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
श्री गुरु रविदास लीला समिति मौ.कडच्छ ज्वालापुर हरिद्वार द्वारा दिखायी जा रही सम्पूर्ण रविदास लीलाओ का स्थानीय कलाकारो द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। आज लीला जिसमे सिकंदर लोधी संत शिरोमणी गुरु रविदास व सदना कसाई आदि का दृश्य रविदास लीला मे दिखाया गया सिकंदर लोधी ने संत रविदास जी को कारागार मे बन्द कर उनका भोजन भी बन्द करवा दिया।
 



श्री गुरु रविदास लीला समिति मौ.कडच्छ ज्वालापुर हरिद्वार के 66वें वार्षिकोत्सव समारोह मे मुख्य अतिथि मा.मदन कौशिक पूर्व कैबिनेट मंत्री विधायक हरिद्वार एवं विशिष्ट अतिथि त्रिलोक सिंह रहे। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने भगवान रविदास महाराज जी की आरती व पूजा-अर्चना कर रविदास लीला का शुभारंभ किया।समिति के सदस्यो ने मुख्य अतिथि व विशिष्ठ अतिथि का माल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मा. मदन कौशिक ने कहा कि गुरु रविदास जी का संदेश संतता, त्याग,दया,और विवेकपूर्ण जीवन जीने के लिए था।उन्होने दरिद्रता और असामाजिकता के खिलाफ लड़ाई लड़ी और समाज को एकता और समानता की ओर ले जाने का संदेश दिया उन्होने अपने जीवन के माध्यम से सभी को यह संदेश दिया कि हम सभी भगवान के बच्चे है और हमारी संतता धर्म और जाति का कोई महत्व नही है।उन्होने समाज मे असामाजिक तथा दलितो के अधिकारो के लड़ाई लड़ी।
गुरु रविदास जी अपने जीवन के दौरान संघर्ष करने के कई क्षेत्रो मे अपना योगदान दिया वे उन लोगो के लिए लडें जो अपने अधिकार से वंचित थे और जो समाज मे अस्थिर थे उन्होने आम जनता के हित मे काम किया ओर समाज मे समानता के लिए लडा।


श्री गुरु रविदास लीला समिति के 66वें वार्षिकोत्सव समापन समारोह मे विशिष्ठ अतिथि त्रिलोक सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने हमें सिखाया कि भगवान के सामने सभी बराबर हैं और हमें जाति,धर्म,रंग आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए।उन्होंने हमें यह भी सिखाया कि हमारे कर्म ही हमारी असली पहचान हैं और हमें अपने कर्मों से ही पहचाना जाना चाहिए। आज के दिन, हमें उनके इन आदर्शों को अपनाने और समाज में उनको लागू करने का संकल्प लेना चाहिए।
मैं सभी से अपील करता हूँ कि वे संत रविदास जी के सिद्धांतों को अपनाएं और समाज में उनको लागू करें। हमें उनके आदर्शों को अपनाने से न केवल हमारा समाज बेहतर होगा, बल्कि हमारा देश भी बेहतर होगा।
एक बार फिर से,में संत रविदास जयन्ती के अवसर पर सभी को बधाई देता हूँ और उनके महान आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित करता हूँ।
कार्यक्रम मे मुख्य रूप से श्रीमती रश्मि पत्नी त्रिलोक सिंह, रविप्रकाश ,अशोक हरदयाल, श्यामल दबौड़िए,शिव पाल रवि,योगेंद्र पाल रवि,राजन कुमार कोषाध्यक्ष,मेहरचंद दास,किरण पाल आडीटर,महेन्द्र पाल,तीर्थपाल रवि,जयन्ति भूषण,विनोद कुमार, सतीश कुमार,राजेन्द्र लाम्बा,संदीप कुमार,प्रवेश कुमार,टेकचंद,महिपाल,कमाल सिंह,गोपाल सिंह, विजय पाल सिंह,रक्षक लाम्बा,पवन दबौड़िए,अरविन्द नौटियाल, अमरदीप,योगेश,रमेश,अभिषेक, दीपांशु, लोकेश, दुष्यंत,मौ.सलीम आदि उपस्थित हुए।

