20 August 2026

आचार्य बालकृष्ण ने किया कन्या पूजन, बोले समाज में नारी का सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए 

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सम्पादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार, 01 अक्टूबर: शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि पर पतंजलि के महामंत्री परम पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी ने परंपरागत तरीके से कन्या पूजन का आयोजन किया। कन्या पूजन से पहले उन्होंने हवन-पूजन किया।

 

पूजन के बाद कन्याओं को प्रसाद स्वरूप भोजन, वस्त्र और उपहार भेंट किए गए। इस अवसर पर महामंत्री पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा कि “कन्या पूजन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आत्मा है। इसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों की प्रतीक स्वरूप कन्याओं का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। यह परंपरा समाज को नारी शक्ति के सम्मान और पूजन की प्रेरणा देती है।”उन्होंने कहा कि कन्या पूजन से मुझे अदभूत शक्ति मिलती है। आज के दिन मैं माँ दुर्गा से राष्ट्र और समाज के कल्याण की प्रार्थना करता हूं। पूज्य आचार्य श्री ने कहा कि जब हम नौ कन्याओं का पूजन करते हैं, तो वास्तव में हम शक्ति, विद्या, करुणा, समृद्धि, स्वास्थ्य, साहस, विजय और धर्म की आराधना करते हैं। यह परंपरा हमें यह सिखाती है कि समाज में नारी का सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आज के युग में जहां भौतिकता तेजी से बढ़ रही है। वहीं हमें अपनी जड़ों, अपनी परंपराओं और अपने संस्कारों से जुड़े रहना चाहिए। कन्या पूजन हमें यह स्मरण कराता है कि बिना नारी के समाज अधूरा है।

पूरे कार्यक्रम के दौरान दिव्य योग मंदिर आश्रम कनखल में पतंजलि योगपीठ परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। साधु-संतों की भी मौजूदगी रही। पतंजलि परिवार के सदस्य भी मौजूद रहें।

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