भगवान श्री कृष्ण की भक्ती में उनके जीवन कोभक्ति रस में सराबोर कर दिया – बाल विदुषी भवानी
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार रानीपुर मोड़ स्थित श्री प्रेम नगर आश्रम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भक्त जनों को भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का तथा माखन चुराने का दृष्टांत सुनते हुए कथा व्यास बाल विदुषी देवी भवानी ने भक्तों को भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का अमृत पान कराते हुए भगवान श्री कृष्ण की भक्तीमें उनके जीवन कोभक्ति रस में सराबोर कर दिया कथा व्यास परम पूज्य बाल विदुषी देवी भवानी नेगिरिराज जी की लीलाएँ अत्यंत पवित्र, भावपूर्ण और श्रीकृष्ण के प्रेम से ओत-प्रोत मानी जाती हैं। जब इंद्र के अभिमान से पृथ्वी परभारीवर्षा होने लगी, तब श्रीकृष्ण ने संपूर्ण गोकुलवासियों की रक्षा के लिए गिरिराज पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठा लिया, मानो वह कोई खिलौना हो। सात दिनों तक निरंतर वर्षा होती रही, परंतु गोकुल का एक भी जीव भीगने नहीं पाया। सभी लोग आश्रय लेकर गिरिराज के नीचे सुरक्षित बैठे रहे और श्रीकृष्ण मुस्कुराते हुए अपनी उँगली पर पर्वत को थामे खड़े रहे। इस लीला ने संसार को दिखा दिया कि भक्तों पर आने वाली हर विपत्ति को ईश्वर सरलता से टाल सकते हैं। इसी पर्वतको वे अपना प्रिय मानते हुए प्रतिदिन गायों समेत उस पर विचरण करते, उसे अपने स्पर्श से पवित्र करतेऔरगोप-गोपियोंकेसाथहँसी-खुशी भरी लीलाएँ रचते। गिरिराज उनके लिए केवल एक पर्वत नहीं था, बल्कि जीवित स्वरूप में उनका अपना प्रिय मित्र और भक्त था, जिसे वे हृदय से पूजते थे। इसलिए आज भी गिरिराज महाराज को कृष्ण के असीम प्रेम और रक्षा के प्रतीक रूप में स्मरण किया जाता है श्री हरि कृपा फाऊंडेशन के संस्थापक श्री हरि कृष्ण कुमार महाराजने कहा जो भगवान की भक्ति का रसपान कर लेते हैं उनका मानव जीवन जन्म मरण के बंधन से मुक्त होकर भगवान श्री हरि के चरणों में लीनहो जाता हैं इस अवसर पर भाजपा की उपाध्यक्षश्रीमती निधि राणा ने कहा भक्ति मनुष्य जीवन की सार्थकता है यह मनुष्य जीवन भगवान की भक्ति से ही सफल हो सकता है
 

