विश्व दलित परिषद ने काशीराम मेडिकल कॉलेज सहारनपुर का नाम बदले जाने का किया विरोध,जिलाधिकारी को सोपा ज्ञापन- प्रियव्रत

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संपादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार वर्ष 2010 में मेडिकल कॉलेज मान्यवर श्री काशीराम जी के नाम समाजवादी पार्टी सरकार ने वर्ष 2013 में काशीराम गवर्नमेंट मेडिकल कालेज का मौलाना शेखुलहिद महमुदुल हसन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कर दिया गया। यह चार किसी एसटी कंपोनेंट प्लान के पैसे से उत्तर प्रदेश में बनाए गए इन उस की थी। इनमें उत्तर प्रदेश की तत्कालीन बसपा सरकार की परम आदरणीय बहन सुश्री मायावती जाटव जी ने 79% सीटें एमबीबीएस की एससी एिसटी के लिये रिजर्वेशन किया था जिनमें से एका गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज मान्य काशीराम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर अखिलेश আনে जी ने मौलाना शेखुनहिद महमुदुल हसन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सहारनपुर कर दिया गया था जो पूरे देश के अनुसूचित जाति, जनजाति समाज एवं समस्त बहुजन समाज का घोर अपमान, और अपराध है

 

अंतः हम, वर्ल्ड दलित काउंसिल विश्व दलित परिषद समस्त अनुदित अजित समाज की ओर से एवं अखिल भारतीय चमार महार जाटव महासभा सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन राष्ट्र ज्योति (एससी सेल) एवं अन्य अनुसूचित जाति जनजाति समाज के समस्त संगठनों की ओर से हम दलित काउसिला विश्व दलित परिषद उत्तर प्रदेश के परम आदरणीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी उत्तर प्रदेश सरकार से विनय अनुरोध करते हुए निवेदन करते है कि इस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, मौलाना शेखउनहिद महमुदुल हसन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सहारनपुर का नाम का नाम बदलकर फिर से परम संत शिरोमणि गुरु रविदास गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज करने की महान कृपा कर हम समस्त अनुसूचित जाति जनजाति समाज के लोग विश्व दलित परिषद दलित काउंसिल एवं अखिल भारतीय चमार महार जाटव महासभा राष्ट्र ज्योति (एससी सेल) सेवा न्याय उत्थान फाउडेशन एवं धनीस फाउंडेशन हमेशा जीवन भर आपके कृतज जैन सादर धन्यवाद आपको माध्यम से उत्तराखण्ड सरकार व महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी को अवगत कराना चाहते है। हम सब उत्तराखण्ड के निवासी है पर हरिद्वार के साथ उद्यमसिंह नगर आदि जिलो के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। क्या हरिद्वार को उत्तराखण्ड में नहीं मानते अगर मानते है तो सौतेला व्यवहार क्यों चाहे किसानी की समस्याः बाढ़ आदि में नुकसान का मुआवजा, रोजगार में नियुक्तियो में युवाओं के साथ भेदभाव हरिद्वार का लड़का या लडकी 5 या 6 फुट को पुलिस भर्ती में बाहर कर देना, खिलाडियो को मेडल जीतने पर 50 लाख देना, वही हरिद्वार के कई खिलाडियों ने गोल्क रजत सिल्वर मेडल जीतकर हरिद्वार का ही नहीं उत्तराखण्ड व देश का नाम रोशन किया है आपने वदना कटारिया लडकी को या अन्य खिलाडियो को एक भी पैसा नही दिया इससे खिलाडियो का हौंसला टूटता है। अगर सरकार नही चाहती तो मजबूर होकर धरना प्रदर्शन कर आन्दोलन किया जायेगा। सरकार दलित विरोधी सिर्फ दिखावा करती है स्नेह राणा खिलाडी को 50 लाख रूपये दिये गये तथा वन्दना कटारिया हरिद्वार की दलित थी ये भी हॉकी खिलाडी मेडल लेकर आयी थी इसको कुछ नहीं दिया इससे साफ पता चलता है ये सरकार दलित विरोधी है। विश्व दलित परिषद संगठन भूपेंद्र पाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष प्रियव्रत ,बेगराज सिंह चमार राष्ट्रीय महासचिव विश्व दलित परिषद पिंकी रीतू कमलेश नितेश आदि उपस्थित रहै

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