वह घर किसी तीर्थ से कम नहीं होता जहां माता-पिता और गुरु की सेवा होती है श्री महंत रघुवीर दास महाराज
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंदश्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े में आयोजित सत्संग एवं ज्ञानवर्षा सभा के दौरान प्रातः स्मरणीय श्री महंत रघुवीर दास जी महाराज ने भक्तजनों के मध्य अपने श्रीमुख से अत्यंत भावपूर्ण उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस घर में माता-पिता तथा गुरुजनों की श्रद्धा, सेवा और सम्मान होता है, वह घर किसी तीर्थस्थल से कम नहीं होता। उन्होंने कहा कि माता-पिता जीवन के प्रथम गुरु होते हैं और गुरु आत्मा को सत्य, धर्म तथा मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं, अतः उनकी सेवा करना ही सच्ची भक्ति और परम पुण्य का मार्ग है। महाराज श्री ने अपने अमृतमय वचनों से उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदयों को भक्ति और संस्कारों से सराबोर कर दिया। उनके प्रेरणादायी उपदेशों को सुनकर समस्त आश्रम परिसर भक्तिरस से ओत-प्रोत हो उठा तथा उपस्थित भक्तजन भावविभोर होकर गुरु महिमा और मातृ-पितृ सेवा के महत्व का गुणगान करते रहे। सभा के अंत में भक्तों ने महाराज श्री के चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
 


