आस्था,श्रद्धा और संत समागम का प्रतीक बना श्री दादू जयन्ती महोत्सव को भक्ति और उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हो गया

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हरिद्वार, आस्था, श्रद्धा और संत समागम का प्रतीक बना श्री दादू जयन्ती महोत्सव सोमवार को भक्ति और उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हो गया। 4 मई से प्रारम्भ हुए इस आठ दिवसीय महोत्सव का आयोजन श्री दादूबाग आश्रम कनखल, हरिद्वार एवं श्री दादू महानन्दाश्रम, ऋषिकेश में बड़े धूमधाम और श्रद्धा भाव के साथ किया गया। समापन अवसर पर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट से श्री दादूवाणी जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें संत-महात्माओं, महामण्डलेश्वरों और हजारों श्रद्धालुओं ने “सत्यराम” के जयघोष के साथ भाग लिया।

शोभायात्रा पूरे नगर में श्रद्धा और भक्ति का संदेश देती हुई श्री दादू महानन्दाश्रम पहुंची। महोत्सव के अंतिम दिन स्व. महानन्द जी महाराज एवं स्व. दयानिधि जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विशाल महाआरती, संत प्रवचन, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन हुआ। संतों ने अपने प्रवचनों में प्रेम, सेवा, समरसता और मानवता के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। इस दौरान समाज एवं संस्था के लिए उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कई महानुभावों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे महोत्सव में श्री दादूवाणी के अखण्ड पाठ, सत्संग, रात्रि जागरण और भव्य भंडारों ने भक्तिमय वातावरण बनाए रखा।

 

आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की गईं, जिसकी सभी ने सराहना की। समापन अवसर पर महन्त श्री जयराम दास स्वामी, वैद्य श्री केशव दास स्वामी, श्री नन्द लाल स्वामी सहित आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सभी संतों, श्रद्धालुओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दादूवाणी का संदेश समाज में प्रेम, भाईचारा और आध्यात्मिक चेतना फैलाने का कार्य करता रहेगा। “दादू सहजै मेला होइगा, हम तुम हरि के दास…”इसी आध्यात्मिक संदेश के साथ महोत्सव का समापन श्रद्धा और उत्साह के बीच सम्पन्न हुआ।

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