गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़े का भव्य पट्टाभिषेक समारोह श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार कनखल स्थित एक आश्रम में श्री गुरु गोरखनाथ अलख अखाड़ा (रजि.) का 15वां महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। समारोह में श्री कोमल नाथ जी महाराज का विधिवत पट्टाभिषेक किया गया। इस दौरान संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन करते हुए मंगलकामनाएं दीं। कार्यक्रम में संत समाज के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
 
समारोह में श्री गुरु गोरखनाथ अलख अखाड़े के अध्यक्ष श्री संजीवन नाथ जी महाराज, महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. हर्षिता जी महाराज, श्री कोमल नाथ अघोरी जी महाराज आगरा, जोगेंद्र नाथ जी महाराज सहित पप्पू प्रधान, हरजीत सिंह, पंकज, दीपक और सुधा जी विशेष रूप से मौजूद रहे।
अध्यक्ष श्री संजीवन नाथ जी महाराज ने कहा कि गुरु परंपरा और संत परंपरा सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज और धर्म के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प भी है। उन्होंने श्री कोमल नाथ जी महाराज को पट्टाभिषेक की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में गुरु गोरखनाथ की परंपरा और अधिक मजबूत होगी।
महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. हर्षिता जी महाराज ने कहा कि संतों की तपस्या और त्याग से सनातन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर का दायित्व धर्म, अध्यात्म और मानव सेवा के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करता है। उन्होंने श्री कोमल नाथ जी महाराज को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
श्री कोमल नाथ अघोरी जी महाराज ने कहा कि गुरु गोरखनाथ की साधना परंपरा त्याग, तपस्या और लोककल्याण का संदेश देती है। संत समाज का उद्देश्य धर्म की रक्षा के साथ मानवता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि श्री कोमल नाथ जी महाराज का पट्टाभिषेक गुरु परंपरा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है।
पट्टाभिषेक समारोह के दौरान मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और संतों के आशीर्वचन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण एवं मंगलकामनाओं के साथ हुआ।



