भक्ति भाव और हरि का सत्संग मनुष्य को सत्य की राह दिखा कर कल्याण की ओर ले जाता है श्री महंत कमलेशानन्द सरस्वती
प्रमोद कुमार हरिद्वार
हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द) श्री गंगा भक्ति आश्रम खड़खड़ी में भक्तजनों के बीच अपने श्री मुख से ज्ञान की वर्षा करते हुए आश्रम के श्री महंत परम विभूषित 1008 परम पूज्य स्वामी कमलेशानन्द महाराज ने कहा मनुष्य के मन में बसा भक्ति भाव और उसके द्वारा किए जाने वाला हरि का सत्संग मनुष्य को सत्य की राह दिखाता है हरि चरणों की कृपा से उसके पथ में आने वाली सभी बंधाए कठिनाई स्वतः ही दूर हो जाती हैं और हरि महिमा के सुंदर वचन उसके जीवन का उद्धार करते हुएउसे कल्याण की ओर अग्रसर करते हैं इस कलयुग में कुछ पल का सत्संग ही मनुष्य के जीवन को सार्थक कर देता है यह कलयुग है इसलिए मनुष्य को कठोर तपस्या की आवश्यकता नहीं एकाग्र मन से कुछ पल का भजन कीर्तन साधना ही उसके जीवन को सार्थक कर देते हैं साथ ही मनुष्य के मन में बसे विकारों को दूर कर हरि का भजन उसे सत्य की राह दिखा देता है कदम कदम पर उसे इस बात का बोध होता है की कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप में भगवान हरि बार-बार उसका मार्गदर्शन कर रहे हैं उसकी मदद कर रहे हैं उसे इस बात का आभास होता है सत्य कर्म ही उसे भवसागर पार कर सकते हैं हमेशा याद रखिए छल बेईमानी से अर्जित किया गया धन कुछ पल के लिए आपको सुख सुविधा के साधन उपलब्ध करा सकता है किंतु गलत तरीके से कमाये गए धन से उसके मन में अनेको गलत विकार उत्पन्न होते हैं जो उनके वसी भूत होकर अपने द्वारा किए गए कर्मों से अपनी दुर्गति को प्राप्त करता है और अपने कर्मों का फल इसी कलयुग यानी करयुग मे तरह-तरह से भोग कर जाता है इसलिए हे भक्तजनों सत्य की राह पर चलो आपकी हर कदम पर भगवान की नजर है आपकी हर कर्म का पल-पल का लेखा झोंका होता है किसी का भला बुरा करने या अहित करने से पहले अपने अंजाम की चिंता करें वह चिंता ही आपको किसी गलत कार्य से पीछे हटने के लिए प्रेरित करेगी तथा सही दिशा की ओर जा रहे मार्ग को दिखाएंगे वही मार्ग भगवान श्री हरि के चरणों तक जाता है
 


