परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी की महाकुम्भ की पूर्णाहुति के पश्चात आज परमार्थ निकेतन पहुचे

सम्पादक प्रमोद कुमार
💐उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से जो हादसा हुआ उसमें फंसे लोगों के रेक्स्यू के लिये आज की गंगा आरती की समर्पित
 
🙏🏾रेक्स्यू आॅपरेशन में लगे जवानों की सेवा व समर्पण को नमन
ऋषिकेश, 1 मार्च। उत्तराखंड के माणा गांव में ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे में फंसे हुए व्यक्तियों की सुरक्षा और राहत कार्य के लिए परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आज की माँ गंगा जी की आरती समर्पित की। इस अवसर पर स्वामी जी ने हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और फंसे हुए लोगों की जल्दी और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए गंगा माँ से प्रार्थना की।
गौरतलब है कि चमोली जिले के माणा गांव में ग्लेशियर टूटने के कारण बर्फ का भारी हिस्सा टूटकर गिरा, जिससे बड़ी संख्या में मजदूर और अन्य लोग इस हादसे का शिकार हुए। इस आपदा में अब तक 55 मजदूरों में से 50 का पता चल चुका है, जबकि 4 मजदूरों की मौत हो चुकी है और 5 की तलाश अभी भी जारी है। इस हादसे में सेना के लगभग 150 जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से भी बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने गंगा जी की आरती के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सभी जवानों और कर्मचारियों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके अदम्य साहस और सेवा भाव की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह समय धैर्य, साहस और विश्वास का है। हम सभी इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ हैं। हमारी प्रार्थना उनके साथ है, जो इस आपदा से प्रभावित हैं और जो अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं, उनकी आत्मा को शांति मिले। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जिन लोगों का रेस्क्यू अभी बाकी है, वे सभी सुरक्षित बाहर आ सकें।
माँ गंगा इस प्राकृतिक आपदा में फंसे लोगों को न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी साहस व धैर्य प्रदान करे। इस तरह के आपदाकारी समय में समाज की एकता और सहयोग की आवश्यकता है।
माननीय मुख्यमंत्री, श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने भी घटना स्थल का दौरा किया और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने राहत कार्यों के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की घोषणा की और स्थानीय प्रशासन को दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी प्रभावितों के लिए त्वरित राहत प्रदान करेगी और इस संकट से उबरने में हर संभव सहायता करेगी।
हादसे में फंसे लोगों के परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य रखने का आह्वान करते हुये कहा कि भगवान उन्हें शक्ति प्रदान करें ताकि वे इस कठिन घड़ी को सहन कर सकें और उनके प्रियजन जल्द ही सुरक्षित घर लौट सकें। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि सभी घायलों का शीघ्र उपचार हो और कोई और जनहानि न हो।
हम सभी की प्रार्थना है कि जिन भी लोग इस हादसे में फंसे हैं, वे जल्दी ही सुरक्षित बाहर आ जाएं और उन्हें शीघ्र स्वस्थ लाभ मिले। यह समय समाज और राष्ट्र की एकता, साहस और धैर्य का है। सभी को मिलकर इस संकट का सामना करना होगा।