पूज्य गुरुदेव श्री महंत नृसिंह दास जी महाराज भक्तों को ज्ञान की सरिता में स्नान करा कर उनका जीवन धन्य कर देते थे अनंत विभूषित श्री महंत विष्णु दास महाराज

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार 7 मई (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द) श्रवण नाथ नगर स्थित प्रसिद्ध गुरु सेवक निवास उछाली आश्रम में परम पूज्य गुरुदेव साकेतवासी प्रातः स्मरणीय 1008 श्री महंत नृसिंह दास जी महाराज की 20वीं पावन स्मृति के अवसर पर गुरु स्मृति समारोह आयोजित किया गया इस अवसर पर बोलते हुए आश्रम के श्री महंत परम वंदनीय तपस्वी ज्ञान मूर्ति संत विष्णु दास जी महाराज ने कहा इस पृथ्वी लोक पर परम पूज्य गुरुदेव ज्ञान का एक विशाल सूर्य थे हम लोग माता-पिता की सेवा कर उनके जन्म देने का मोल कुछ हद तक चुका तो नहीं सकते लेकिन कम कर सकते हैं इसी प्रकार सतगुरु देव जो इस पृथ्वी लोक पर साक्षात पार ब्रह्म के रूप में अवतरित होते हैं उनके द्वारा दिये गए ज्ञान और शिक्षा का मोल कोई नहीं चुका सकता गुरुद्वारा प्रदान किए जाने वाला ज्ञान सारस्वत है सत्य है और साधना है हमारे सतगुरु देव कठोर तपस्या एवं अनुभव से प्राप्त ज्ञान हम भक्तजनों को हम शिष्यों को पल भर में दे देते हैं जो ज्ञान जीवन भर में अर्जित किया गया उस ज्ञान के कलश को गुरुजन भक्तों तथा शिष्यों में उसके ज्ञान का अमृत पान करा देते हैं और धन्य कर देते हैं हमारे इस मानव जीवन को हमारे इस पृथ्वी पर जन्म लेने के उद्देश्य को सतगुरु ईश्वर से कम नहीं बल्के के सतगुरु ही ईश्वर के रूप में हम लोगों के मार्गदर्शन के लियें अवतरित होते हैं सतगुरु की स्मृतियों को भुलाया नहीं जा सकता सतगुरु पार ब्रह्म है और साक्षात हमारे हृदय में हर समय ज्ञान के रूप में विद्यमान रहते हैं सतगुरु पार ब्रह्म है सतगुरु तारण हार सतगुरु महिमा अपार है क्षण भर में करा दे भव पार मेरे सतगुरु तारण हार सतगुरु यस और कीर्ति उनके ज्ञान की तरह सदैव भक्त जनों के बीच युगों युगों तक बनी रहती है सतगुरु के बिना सतगुरु के ज्ञान के बिना सतगुरु के मार्गदर्शन के बिना हमारा उद्धार हो पाना संभव नहीं सतगुरु देव परम पूज्य श्री नृसिंह दास जी महाराज जैसे गुरु भगवान बड़े ही बिरला भाग्य से प्राप्त हो पाते हैं ऐसे सतगुरु जिनका ज्ञान सारस्वत है जिनकी कीर्ति अमर है बड़े भाग्यशाली लोगों को मिलते हैं मैं भी एक उनके चरणों का दास हूं जो मेरे गुरु भगवान द्वारा मेरे को कुछ संक्षिप्त ज्ञान दिया गया है मेरे मस्तिष्क ने उसे कुछ धारण किया मैं उसी ज्ञान को आप लोगों से साझा कर रहा हूं हमारे शास्त्र धर्म ग्रंथ ही हमारे कल्याण और मुक्ति का मार्ग है इन्हीं पावन ग्रंथों में हमारे कल्याण एवं मुक्ति दोनों की युक्ति छिपी हुई है इसके अलावा परम पूज्य गुरुदेव का ज्ञान सारस्वत है परम कल्याणकारी है गुरु साक्षात ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में हमारे मार्गदर्शन हेतु अवतरित होते हैं एवं अपने ज्ञान की सरिता में स्नान करा कर हमारे मानव जीवन को धन्य और सार्थक कर देते हैं गुरु की महिमा का बखान शब्दों में किया जाना संभव नहीं सिर्फ गुरु की स्मृति और गुरु जी द्वारा प्रदत्त ज्ञान कुछ सूक्ष्म रूप में इस मस्तिष्क में धारण कर इस मानव जीवन को सार्थक किया जाना संभव है इस अवसर पर बोलते हुए महंत प्रमोद दास महाराज ने कहा परम पूज्य गुरुदेव 1008 श्री श्री नृसिंह दास जी महाराज धर्म कर्म पूजा पाठ एवं यज्ञ अनुष्ठान के माध्यम से भक्तों को कल्याण का मार्ग दिखाया करते थे सतगुरु देव द्वारा प्रदत्त ज्ञान आज भी हम लोगों के मस्तिष्क पटल पर विद्यमान है उनका ज्ञान आज भी हमें सत्य का मार्ग दिखा रहा है और भक्ति मार्ग से ईश्वर तक पहुंचाने की युक्ति दिख रहा हैं यह सब सर पर बाबा हठयोगी महाराज श्री महंत दिनेश दास महाराज महंत रवि देव महाराज स्वामी पुनीत दास महाराज स्वामी राघवेंद्र दास महाराज श्याम दास महाराज महंत नारायण दास पटवारी महंत सूरज दास महाराज महंत गुरमल सिंह महाराज साध्वी गंगा दास महाराज महंत प्रहलाद दास महाराज साध्वी महंत रंजना देवी महंत जगजीत सिंह महाराज महंत दुर्गादास महाराज रामदास महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज सहित भारी संख्या में आश्रम मठ मंदिर अखाड़ो से आए संत महापुरुष उपस्थित थे सभी ने आयोजित भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया।