29 August 2025

भारत भूमि के कण कण में देवत्व का वास और हमारी आस्था हिंदुत्व की आत्मा श्री महंत विश्वापुरी महाराज

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सम्पादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार 27 मई( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) विश्व प्रसिद्ध पावन नगरी हरिद्वार की पावन धरा पर पांच नंबर ठोकर में गंगा के किनारे बनी कुटिया में भंडारे के अवसर पर बोलते हुए जूना अखाड़े के महंत महाशक्ति पुंज सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष परम पूज्य श्री महंत अनंत विभूषित त्याग मूर्ति श्री श्री विश्वापुरी जी महाराज ने कहा यह भारत भूमि देवों की जननी पावन धरती है इसी धरती पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम अवतरित हुए हैं इसी पावन धरती पर भगवान श्री कृष्ण अवतरित हुए हैं इसी पावन धरती पर लिखी गई है वीरों की महान गाथायें यह भारत भूमि देवों की जननी होने के साथ-साथ वीरों की भी जननी है इसी धरती पर वीर महाराणा प्रताप परमवीर गोगाजी चौहान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई सहित अनगिनत योद्धा इसी धरती पर पैदा हुए हैं इस धरती के एक-एक कण में ईश्वर का वास है देवत्व हमारी आत्मा में बसता है और विश्व भर में भारत भूमि सर्वोपरि इसीलिये है की हमारी आस्था हमारी आत्मा में बसती है और हिंदुत्व भारत की आत्मा है संत महापुरुषों का पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन हमें ईश्वर के निकट ले जाते हुए देवत्व की अनुभूति कराता है सतगुरु देव इस धरती लोक पर ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में हमारे मार्गदर्शन हेतु अवतरित होते हैं पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान धर्म-कर्म के माध्यम से हमारा मार्गदर्शन करते हुए हमारे जीवन का उद्धार कर देते हैं सतगुरु से बड़ा और सच्चा मार्गदर्शक हमारे जीवन में कोई और हो ही नहीं सकता सतगुरु के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की गंगा हमारे जन्मो जन्म के पुण्यों का उदय कर देती है सतगुरु का मार्गदर्शन भजन सत्संग और ईश्वर की आराधना हमें हमारे कई जन्मों के पुण्यों के उदय होने से प्राप्त होती है सतगुरु पार ब्रह्म है सतगुरु तारणहार सतगुरु बहती नदिया है सतगुरु पार लगाये बन माझी और नाव इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत विश्वापुरी जी महाराज ने कहा क्योंकि यह देवों की धरती है इसलिये हमारे गली मोहल्ले और नगरों के नाम देवी देवताओं के नाम पर रखे जाने चाहिये जैसे की वैदेही नगर रामनगर लखनपुरी धर्मपुरी हनुमानगढ़ भरत पुरम जैसी पावन नगरी वैसे ही पावन नाम हमारे क्षेत्र तथा नगर के होने चाहिये इस अवसर पर बोलते हुए पं श्री राजवीर शर्मा ने कहा गुरु के बिना ज्ञान नहीं और गुरु के बिना कल्याण नहीं और गुरु के बिना गति नहीं सतगुरु इस पृथ्वी लोक पर हमारे सच्चे मार्गदर्शक बन कर हमारी जीवन नैया को भवसागर पार लगाते हैं इस अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव महंत राम बालक पुरी जी महाराज ने भी सभी भक्तों पर अपने कल्याणकारी वचनों की पावन वर्ष की इस अवसर पर श्री राजवीर शर्मा स्वामी करण पुरी महाराज स्वामी उमानंद महाराज स्वामी रामानंद जी महाराज श्री जयप्रकाश बड़ोनी सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तगण उपस्थित थे सभी ने आयोजित भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया तथा पावन ज्ञान की बहती गंगा में गोते लगाये।

 

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