वर्ष 2016 से लेकर अब तक उत्तराखंड के दो दो मुख्यमंत्री की घोषणाओं व शासनादेश को दिखाया ठेंगा जनपद में एक भी आंदोलनकारी नहीं हुआ चिन्हित:-मनोज ठाकुर

हरिद्वार 17 अगस्त 2023 उत्तराखंड राज्य प्राप्ति हेतु संघर्ष करने वाले आंदोलनकारी आज भी चिन्हित किए जाने से वंचित है फर्जी जलसा काट रहे सरकारी सुविधाओं पर मौज उत्तराखंड राज्य बने एक लंबा अरसा बीत चुका है किंतु उत्तराखंड आंदोलन के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारी आज भी चिन्हित किए जाने से वंचित है जब जिस पार्टी की सरकार आई उसने आंदोलनकारी चिन्हित किए जाने के नाम पर अपने लोगों को लाभ पहुंचाते हुए आंदोलनकारी के रूप में चिन्हित कर डाला चिन्हित किए जाने वाली समिति के सदस्यों ने भी खूब मौज काटी अपने रिश्तेदार भाई बंद किराएदार तक चिन्हित कर डालें किंतु आंदोलन में बहुत से भाग लेने वाले आंदोलनकारी आज भी चिन्हित किए जाने से वंचित है उनकी ओर न तो कभी जिला प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही सरकार ने फर्जी चिन्हित होने वाले सरकारी सुविधाओं तथा पेंशन पर मौज काट रहे हैं वास्तविक आंदोलनकारी आज भी चिन्हित किए जाने की बाट जोह रहे हैं उत्तराखंड सरकार वर्ष 2016 से लेकर अब तक दो बार आंदोलनकारी चिन्हित किए जाने की घोषणा कर चुकी है यहां तक की शासन आदेश भी जारी हुआ किंतु हरिद्वार जनपद में कसम खाने के नाम पर एक भी आंदोलनकारी दो दो मुख्यमंत्री की घोषणा करने के बाद चिन्हित नहीं किया गया शासन आदेशों को जिला अधिकारियों तथा संबंधित समितियों ने ठेगे पर रख दिया इतना ही नहीं चिन्हित करने वाली समिति ने खुलेआम फर्जीवाडा करते हुए गैर आंदोलनकारी लोगों को चिन्हित किया ही साथ ही ऐसे लोगों को भी चिन्हित कर डाला जो आंदोलन के समय अपनी मां के गर्भ में पल रहे थे इतना ही नहीं ऐसे लोगों को भी चिन्हित कर डाला जो आंदोलन के कई कई वर्षों बाद दूसरे परदेस वह अन्य जनपदों से इस जन्म में महिलाएं विवाह होकर आई अगर उनका पुराना रिकॉर्ड खंगाल जाए तो आंदोलन के समय इस जनपद से उनका कोई लेना देना नहीं था तो उन्होंने कब आंदोलन में भाग ले लिया और वह इस जनपद में कैसे आई वह आंदोलन में भाग लेती भी तो अपने जनपद में लेती सिर्फ रेली वगैरा में आ सकती थी इसके अलावा बहुत से ऐसे महानुभाव भी चिन्हित किए गए जो आंदोलन के दिनों में जिस दिन भाग लेना उनका आंदोलन में बताया गया है वह अपने संस्थानों में सरकारी विभागों में तथा गैर सरकारी उप संस्थानों में तथा सरकार के प्रतिष्ठानों में नौकरी कर रहे थे अपनी ड्यूटी जब वे वहां कर रहे थे आंदोलन में कहांसे उस दिन मौजूद थे तथा उन महानुभावों ने ड्यूटी के दिन की समाचार पत्रों की बैक डेट में छापी गई फर्जी कतरने लगाकर अपने आप को चिन्हित करा डाला इतना ही नहीं कई महिलाओं के चिन्हित दस्तावेज तो वर्ष 2009 की 2007 की समाचारों की कतरने लगी है फिर भी उनको चिन्हित कर डाला चिन्हित करने वाली समिति के सदस्यों ने अपने आप को अपनी बेटियों को अपने पुत्र पुत्रियों पत्नी भाई बहन बुआ को अपने दामादो को अपनी साली अपने साले तथा अन्य रिश्ते में लगने वाले रिश्तेदारों को चिन्हित करने का महान कार्य किया है ऐसे फर्जी चिन्हित आंदोलनकारी के लगाए गए दस्तावेजों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए यह मांग आंदोलनकारी ठाकुर मनोज कुमार ने करते हुए कहा क्योंकि जो उन्होंने कतरा ने लगा रखी है वह उत्तराखंड राज्य बनने के बाद निकले अखबारों में बैक डेट में छपवा कर लगा रखी है ऐसे लोगों पर अपराधिक वाद दर्ज होने चाहिए जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपने आप को चिन्हित करा कर सरकारी पेंशन व अन्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं ऐसे लोगों पर गुंडा एक्ट तथा गैंगस्टर लगाई जानी चाहिए तथा जो वास्तविक आंदोलनकारी चिन्हित होने से वंचित है उन्हें तत्काल चिन्हित किया जाना चाहिए यह मांग उत्तराखंड राज्य आंदोलन में भाग लेने वाले युवा आंदोलनकारी ठाकुर मनोज कुमार मनोजानंद ने प्रेस नोट जारी कर कहीं