श्री नंगली ज्ञान का महातीर्थ 26 वाॅ श्री गुरु प्रेम स्मृति सम्मेलन संपन्न:-महन्त रविन्द्र पुरी महाराज

हरिद्वार भूपतवाला स्थित श्री निजात्म प्रेम धाम ऋषिकेश रोड भूपतवाला हरिद्वार में अनंत विभूषित पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर 1008 स्वामी गुरु प्रेमानंद जी महाराज प्रेम मूर्ति जी की पावन पुण्यतिथि के अवसर पर वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया कार्यक्रम में अनेकों मठ मंदिर आश्रमो के महामंडलेश्वर श्री महंत व पीठाधीश्वरो की गरिमामय पावन उपस्थिति में कार्यक्रम का समापन हुआ इस अवसर पर बोलते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्रपुरी जी महाराज ने कहा साधु संतों के दर्शन बड़े ही भाग्यशाली लोगों को मिलते हैं बहुत से लोग महाकुंभ का इंतजार करते हैं कि उसमें हमें सभी साधु संतों के पावन दर्शन करने के लिए मिलेंगे किंतु विश्व प्रसिद्ध पावन नगरी एक ऐसा पावन तीर्थ है यहां कदम कदम पर साधु संत ऋषि मुनि मनीषियों के पावन दर्शन रोज भक्तों के मन को पावन कर देते हैं नगली तीर्थ ज्ञान का एक विशाल तीर्थ है जो गुरुजनों की शरण में जाता है वह भवसागर पार हो जाता है इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर श्री स्वामी शिव प्रेमानंद जी महाराज ने कहा गुरु का दिया गया ज्ञान कभी मिथ्या नहीं जाता जो गुरु की शरण में आता है उसका जीवन धन्य हो जाता है परम पूज्य निजात्म पीठाधीश्वर पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर ब्रह्मलीन पूज्य गुरुदेव स्वामी गुरु प्रेमानंद जी महाराज तप त्याग और तपस्या की एक विशाल त्याग मूर्ति थे ज्ञान का एक विशाल सूर्य थे वेआज भी अपने दिए गए ज्ञान के माध्यम से हम लोगों के बीच सूक्ष्म रूप में सदैव विद्यमान रहेंगे सदैव उनकी कृपा भक्तजनों पर बनी रहेगी ऐसी त्याग मूर्ति ऐसे तपस्वी संत बिरला ही बड़े सौभाग्य से प्राप्त होते हैं हमें ऐसी पावन दिव्य मूर्ति के साक्षात दर्शन हुए हैं उनके ज्ञान का साक्षात वर्ण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है ऐसी ज्ञानमूर्ति की हम शत शत वंदना करते हैं सत सत नमन करते हैं जूना अखाड़े के पूर्व सचिव स्वामी देवानंद महाराज ने कहा संतों का सानिध्य बड़े ही भाग्यशाली लोगो को प्राप्त होता है महामंडलेश्वर स्वामी सोमेश्वरानंद जी महाराज ने कहा साधु संत अपना सारा जीवन भक्तजनों को कल्याण का मार्ग दिखाने में तथा भजन कीर्तन हरि भजन में व्यतीत करते हैं साधु संतों के पावन दर्शन करने वाला बड़ा ही भाग्यशाली होता है इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी ललितानंद जी महाराज ने कहा जान बिना मनुष्य का जीवन अंधकार में होता है ज्ञान गुरु के माध्यम से प्राप्त होता है वह लोग बड़े ही भाग्यशाली होते हैं जिन्हें गुरु के दर्शन और गुरु का दिया हुआ ज्ञान प्राप्त होता है इस अवसर पर स्वामी ज्ञान प्रेमानंद जी महाराज ने कहा ज्ञान मनुष्य की बुद्धि का विकास करता है और गुरु की शरण के बिना ज्ञान प्राप्त कर पाना असंभव है इसलिए अगर अपने जीवन को धन्य बनाना है तो गुरु की शरण में जाना ही होगा इस अवसर पर परम पूज्य स्वामी महामंडलेश्वर विशेश्वरानंद जी महाराज महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद महाराज महाराज महाराज महामंडलेश्वर स्वामी हरी चेतनानंद जी महाराज स्वामी आत्म प्रकाश यति महाराज स्वामी देवानंद सरस्वती महाराज स्वामी गिरधर गिरी महाराज महामंडलेश्वर सुमन भारती भ महाराज स्वामी अरुण दास महाराज महामंडलेश्वर दिव्यानंद पुरी जी महाराज महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद महाराज महामंडलेश्वर सोमेश्वरानंद महाराज श्याम गिरी महाराज सरवन दास महाराज रमेशानंद महाराज वरिष्ठ कोतवाल कालीचरण जी महाराज सहित भारी संख्या में संत महंत तथा भक्तगण कार्यक्रम में उपस्थित थे।