हिंदू धर्म स्थलों में सेवा का दिखावा कर भक्तों से धन लूटने वालों का लगा तांता

हरिद्वार 16 सितंबर 2023 विश्व प्रसिद्ध पावन नगरी हरिद्वार की पावन धारा में आश्रम मठ मंदिर अखाड़े भारी संख्या में है जो भक्तों संतो तथा दरिद्र नारायण आमजन की सेवा हेतु भक्तजनों पर अपना रुतबा कायम कर उन्हें उल्लू बनाकर मोटी-मोटी रकम धार्मिक आयोजन भंडारो के लिए वसूलते हैं जितने भी आश्रम व धर्मस्थल हैं वह भक्तजनों के सहारे ही संचालित होते हैं किंतु जब इनमें कोई धार्मिक आयोजन होता है तो यह लोग एक-एक व्यक्ति पर नजर रखते हैं एक भी व्यक्ति जो उनके मतलब का ना हो उनके आश्रम में मे अगर भंडारे में भोजन हेतु बैठ जाता है तो उसे खूनी सांड की तरह देखा जाता है बहुत से तो उन्हें बीच में से ही उठा देते हैं ऐसे कथा कथित आश्रम धर्मस्थल बंद होने चाहिए जो सिर्फ दिखावे के लिए धार्मिक आयोजन करते हैं या भक्तों को उल्लू बनाने के लिए करते हैं ऐसे लोगों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए अगर सेवा का भाव देखना है तो आप सिख धर्म में जाकर देख सकते हैं आप किसी भी गुरुद्वारे में चले जाइए आपसे ने तो जाती पूछेगा ना धर्म पूछा जाएगा आप भंडारे के समय भोजन के समय जाएंगे तो आपको किसी से पूछने की जरूरत नहीं आप भंडारे में बेखटके प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं किंतु हिंदू धर्म के बहुत से मंदिर आश्रम मोटी मोटी रकम भक्त जनों को उल्लू बनाकर वसूलते हैं किंतु सेवा के नाम पर ठेंगा है ऐसे आश्रम मंदिर जहां पर मुंह देखकर भंडारे में भोजन करने की व्यवस्था होती हो ऐसे मठ मंदिरों को सरकार को तत्काल बंद कर देना चाहिए केवल सेवा भावी नर सेवा ही नारायण सेवा के भाव वाले मठ मंदिर आश्रम पोषित किए जाने चाहिए संचालित किए जाने चाहिए धर्म के नाम पर ढकोसला करने वाले या भक्तजनों को उल्लू बनाने वाले आश्रमों पर सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए ऐसे लोगों को समझ में कुकृति फैलाने का अवसर प्रदान नहीं करना चाहिए हिंदू धर्म के प्रति एक नागरिक को जागृत होना चाहिए की जो उन्हें मीठे मीठे शब्द कहकर उल्लू बना रहा है वह नर सेवा नारायण सेवा के भाव से कार्य कर रहा है या नहीं साथ ही उसके कर्मचारी की भी मानसिकता पर रखनी चाहिए क्योंकि भगवान राम भगवान शिव भगवान भोलेनाथ तथा अन्य देवी देवताओं के मंदिरों में आसुरी लोगों के हाथों में की बागडोर होती है जो एक भी गरीब व्यक्ति को नर सेवा नारायण सेवा के भाव से भोजन करते नहीं देख सकते उसे बीच से ही उठा देते हैं।