सन्यास आश्रम कनखल में श्रीमद् भागवत कथा के समापन के अवसर पर परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी जनकपुरी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित संत समागम में संत महापुरुषों के आशीर्वचन सुनकर भक्तों ने अपने जीवन को धन्यवाद कृतार्थ किया

हरिद्वार 29 सितंबर 2023 को सन्यास आश्रम संयास रोड कनखल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के समापन के अवसर पर परम पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी जनकपुरी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित संत समागम में संत महापुरुषों के आशीर्वचन सुनकर भक्तों ने अपने जीवन को धन्यवाद कृतार्थ किया इस अवसर पर बोलते हुए कथा व्यास महामंडलेश्वर 1008 परम पूज्य स्वामी जनकपुरी जी महाराज ने कहा संत ऋषि मुनियों के मुख से निकलने वाले एक-एक शब्द में भक्तों के कल्याण की भावना निहित होती है संत ऋषि मुनियों के एक-एक शब्द में बड़ा ही रहस्य छिपा रहता है चाहे वह आशीर्वाद के रूप में हो चाहे वह कटु वचनों के रूप में हो शास्त्रों में साक्षात इस बात का उल्लेख है की गुरु मनुष्य के जीवन का निर्माण करते हैं अच्छे संस्कारों का निर्माण करते हैं वह उसे ज्ञान देने के साथ-साथ कल्याण की ओर अग्रसर करते हैं ज्ञान के बिना मनुष्य पशु के समान होता है श्रीमद् भागवत कथा सभी शास्त्रों और पुराणों का रस है वह जीवन सुधा रस जिसने भी अपनी श्रवण शक्ति के माध्यम से ग्रहण किया है उसका लोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं महामंडलेश्वर जनकपुरी महाराज ने कहा शास्त्रों में छिपे ज्ञान और रहस्य को समझ पाना कठिन आवश्यक है लेकिन उसमें जीवन जीने का रहस्य उसमें जीवन कल्याण का रहस्य उसके लोग और परलोक दोनों सुधारने का रहस्य छुपा हुआ है उस रहस्य को समझा शबरी ने अपने गुरु की आज्ञा को अपनी अंतिम इच्छा मानकर एक लंबे समय तक भगवान राम के आगमन के लिए पलके बिछाए बैठी रही और अंत में गुरु के कहे वचन अनुसार भगवान राम और लखन उनकी कुटिया में पधारे ऋषि द्वारा दिए गए श्राप के कारण अहिल्या पत्थर की शिला में तब्दील हो गई भगवान राम को उनके उद्धार के लिए आना पड़ा और भगवान राम के अंगूठे के स्पर्श से अहिल्या पुनः नारी रूप में तब्दील हो गई संतो के मुख से निकला एक-एक शब्द बड़ा ही अमूल्य तथा जीवन कल्याणकारी होता है संतों की वाणी कभी मिथ्या नहीं जाती हमारे धर्म ग्रंथो में ज्ञान के साथ-साथ मनुष्य के लिए कल्याणकारी रहस्य छिपे हुए हैं इसलिए मनुष्य को ग्रंथो का अध्ययन करना चाहिए उससे आपकी बुद्धि का विकास होगा ज्ञान की प्राप्ति होगी अच्छे संस्कारों की उत्पत्ति होगी तथा आपका लोक और परलोक दोनों सुधर जाएंगे इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर स्वामी जनकपुरी महाराज ने कहा धर्म ग्रंथ और उनका अध्ययन मनुष्य में अच्छे संस्कार उज्ज्वल चरित्र का निर्माण होता है उसे पर ईश्वर की कृपा होती है महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने अपने मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए कहा सत्संग और संतों की संगत मनुष्य को कल्याण की ओर ले जाती है दान दया धर्म सत्कर्म मनुष्य में अच्छे संस्कार के साथ-साथ उसका लोक और परलोक दोनों सुधार देता है इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी जनकपुरी महाराज महामंडलेश्वर स्वामी सत्यावेदानंद महाराज महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद पुरी महाराज महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद महाराज महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद महाराज महामंडलेश्वर स्वामी विश्वमातानंद महाराज स्वामी आत्मानंद महाराज स्वामी आत्म तत्वानंद महाराज वेदांताचार्य स्वामी रवि देव महाराज महंत दिनेश दास महाराज व्यवस्थापक स्वामी गंभीरानंद महाराज सहित भारी संख्या में संत महंत भक्तगण उपस्थित थे।