सत्संग के माध्यम से भक्तों को ईश्वर से जोड़ने वाले परम त्याग मूर्ति संत थे टाट वाले बाबा

मनोज ठाकुर,हरिद्वार 7 दिसंबर 2023 को 34 वाॅ वार्षिक महोत्सव वेदांत सम्मेलन बिरला घाट स्थित टाट वाले बाबा जी की पावन समाधि पर मां गंगा के पावन तट पर संत ऋषि मुनियों के मुंह से ज्ञान की गंगा के रूप में बहने वाली पवन त्रिवेणी मां गंगा की अमृत धारा के बीच संपन्न हुआ इस अवसर पर बोलते हुए गुरु चरण अनुरागी समिति की अध्यक्ष माता रचना मिश्रा ने कहा दुर्लभ त्याग मूर्ति संत टाट वाले बाबा जी ने संपूर्ण विश्व में सनातन धर्म को और अधिक मजबूत करने का कार्य किया उन्होंने सत्संग के माध्यम से भक्तों को ईश्वर से जोड़ने का कार्य किया श्री टाट वाले बाबा जी एक दुर्लभ त्याग मूर्ति ज्ञान मूर्ति संत थे ज्ञान का एक विशाल सूर्य थे अवसर पर बोलते हुए महाराज जी के परम भक्त श्री अनिल गौड ने कहा आज से लगभग 34 वर्ष पूर्व परम पूज्य श्री टाट वाले बाबा जी महाराज परमधाम के लिए प्रस्थान कर भगवान श्री हरि में विलीन हो गए थे लेकिन जिन भक्तों को उनका सानिध्य करने का उनकी सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ वह बड़े ही भाग्यशाली लोग हैं मुझे भी उनकी छत्रछाया आशीर्वाद प्राप्त हुआ मे अपने आप को बड़ा ही भाग्यशाली मानता हूं कि इतनी दुर्लभ मूर्ति ज्ञान मूर्ति परम त्यागी टाट वाले बाबा जी महाराज का परम सानिध्य मुझे सौभाग्य से प्राप्त हुआ इस अवसर पर बोलते हुए श्री सुनील बत्रा ने कहा बड़े ही भाग्यशाली होते हैं वह लोग जिन्हें संतों का सानिध्य प्राप्त होता है जिन्हें संतों की सेवा करने का अवसर प्राप्त होता है इस अवसर पर बोलते हुए श्री एस बोरा जी ने कहा परम पूज्य गुरुदेव टाट वाले बाबा जी महाराज साक्षात ईश्वर की प्रतिमूर्ति थे उन्होंने हम भक्तों को कल्याण का मार्ग दिखाया संत समागम को संबोधित करते हुए महंत रवि देव महाराज ने कहा संत सत्संग के माध्यम से भक्तों को ईश्वर से जोड़ने का कार्य करते हैं इस अवसर पर बोलते हुए महंत कमलेशानंद महाराज ने कहा संत महापुरुषों का जीवन समाज को समर्पित होता है उनके प्रति एक कार्य में समाज कल्याण की भावना निहित होती है परम पूज्य टाट वाले बाबा जी महाराज ने जगत को सत्य का मार्ग दिखाने का कार्य किया महापुरुष कभी मरते नहीं वह अपने ज्ञान अपने तथा तपोबल के रूप में सदैव भक्तजनों के बीच विद्यमान रहते हैं इस अवसर पर बोलते हुए महाराज जी की मुख्य सेविका सुश्री भावना ने गुरु महिमा का सुंदर भजन सुनाया तथा कहा सतगुरु देव परम पूज्य टाट वाले बाबा जी महाराज ने वस्त्र पहनने के बजाय टाट धारण कर एक विरक्त जीवन जिया साथ ही भक्तों को संदेश दिया की अगर जीना है तो दूसरों के लिए जियो अगर कुछ करके दिखाना है तो समाज कल्याण देश कल्याण के लिए करो अगर कुछ पाना है तो साक्षात भगवान को पाना है भगवान को अपने अंतर मन में बसा लेना है गुरुदेव टाट वाले बाबा जी महाराज ने अपने ज्ञान के माध्यम से अपने भक्तों को दिखाया की परोकार से बढ़कर और कुछ नहीं होता सादगी और त्याग से बढ़कर और कुछ नहीं होता बाकी सब मोह माया है अगर जीना है तो समाज के लिए जियो अगर कुछ करना है तो समाज के लिए करो देश की उन्नति के लिए करो सनातन को आगे बढ़ाने के लिए करो परम पूज्य गुरुदेव टाट वाले बाबा जी महाराज ज्ञान और त्याग की एक अखंड मूर्ति थे उन्होंने अपनी ज्ञान रूपी अमृत वर्षा से हम भक्तों के जीवन को धन्य कर दिया इस अवसर पर महंत स्वामी हरिहरा नंद महाराज महंत कमलेशानंद महाराज गौरव अरोड़ा अर्चना माता रवि सुनील बत्रा रचना मिश्रा अध्यक्ष उप सचिव दीपक श्री एस बोरा विजय मंत्री सुशील भसीन श्री अनिल गौड सुश्री भावना गौड श्री अश्विनी गौड श्रीमती मधु गौड मीनू गौड मीना गौड लव गौड कृष्ण माता आदि उपस्थित हुए।