सतगुरु से बड़ा कोई हित चिंतक नहीं होता सतगुरु से बड़ा कोई मार्गदर्शक नहीं होता महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानन्द महाराज

प्रमोद कुमार सम्पादक
हरिद्वार( समाचार माध्य वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज कुमार) 12 अगस्त 2024 भूपतवाला स्थित श्री निजात्म प्रेम धाम ट्रस्ट मे भक्त जनों के बीच अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए महामंडलेश्वर 1008 परम पूज्य स्वामी श्री शिव प्रेमानन्द जी महाराज ने कहा सतगुरु से बड़ा कोई मनुष्य का हित चिंतक नहीं होता सतगुरु से बड़ा भक्तों का कोई मार्गदर्शक नहीं होता सतगुरु प्रेरणा की वह पावन गंगा है जिनके ज्ञान की गंगा में गोते लगाकर भक्त अपने जीवन को धन्य कर लेते हैं सतगुरु इस पृथ्वी लोक पर साक्षात ईश्वर के प्रतिनिधि होते हैं हमारे सच्चे हित चिंतक मार्गदर्शक होते हैं हमारे कल्याणदाता होते हैं परम पूज्य गुरुदेव 1008 परम विभूषित गुरु प्रेमानन्द जी महाराज भी ऐसे ही त्याग मूर्ति भक्तों के पथ दर्शक महापुरुष संत थे उनके ज्ञान का प्रताप आज भी उनके शिष्यों और भक्तजनों में विद्यमान है श्री निजात्म प्रेम धाम मे 5 से 8 अगस्त तक बड़े ही धूमधाम से 27 वाॅ श्री गुरु प्रेम समृति सम्मेलन बड़े ही धूमधाम हर्षो उल्लास के साथ संत महापुरुषों की गरिमा मय उपस्थित के बीच तथा परम पूज्य वंदनीय महामंडलेश्वर 1008 श्री स्वामी शिव प्रेमानन्द जी महाराज के पावन सानिध्य पुनीत मार्गदर्शन में संपन्न हुआ ज्ञान मूर्ति 1008 महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी शिव प्रेमानन्द जी महाराज ने कहा संत महापुरुष इस धरती लोग पर तीर्थ के सामान है एक तीर्थ के दर्शन करने के लिए आपको स्वयं चलकर जाना पड़ता है किंतु संत महापुरुषों के रूप में आपको कभी भी कहीं पर भी एक पावन तीर्थ के दर्शन हो सकते हैं उनके ज्ञान की गंगा में गोते लगाकर अपने जीवन को सही दिशा में ले जाने का शुभ अवसर प्राप्त हो सकता है इसलिए जहां भी सत्संग हो रहा हो पावन कथा हो रही हो ज्ञान का संवर्धन हो रहा हो वहां कुछ पल रुक कर उसे अवश्य ग्रहण करें क्योंकि शिक्षा ग्रहण करने और ज्ञान प्राप्त करने की कोई आयु निर्धारित नहीं है इसलिए जहां पर भी आपके ज्ञान की वृद्धि हो सकती हो साधु संतों की संगत प्राप्त हो सकती हो वहां मनुष्य को अवश्य जाना चाहिए क्योंकि ईश्वर तक पहुंचाने का मार्ग गुरु के श्री चरणों से ही होकर जाता है इसलिए अपने गुरु के बताये पथ पर चलकर अपने इस मानव जीवन को सार्थक कर सकते हैं जब आप किसी विपत्ति में होते हैं तो गुरुजनों से प्राप्त ज्ञान ही आपका सच्चा मार्गदर्शन कर सकता है संकट के समय में आपको सही रास्ता दिखा सकता है ऐसे ही पावन त्याग मूर्ति पथ दर्शन संत थे परम पूज्य गुरुदेव 1008 स्वामी गुरु प्रेमानंन्द जी महाराज उन्होंने भक्तों के मन मस्तिष्क में ज्ञान का संवर्धन कर उन्हें सार्थक जीवन जीने की कला सिखाई उनका कदम कदम पर मार्गदर्शन कर उनके जीवन को कल्याण की ओर अग्रसर किया ऐसी परम त्याग मूर्ति परम पूज्य गुरुदेव के पावन चरणों में हम बारंम्बार नमन करते हैं।