गुरु ज्ञान की बहती सरिता भक्तों का करते उद्धार पूज्य चिन्मयानंद बापू महाराज

सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार 3 जुलाई 2025( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानन्द) भूपतवाला स्थित चिन्मय धाम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मेरठ से मेरठ पब्लिक स्कूल की संस्थापक श्रीमती कुसुम शास्त्री द्वारा स्वर्गीय श्री ताराचंद जी की पावन स्मृति में एक विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया इस अवसर पर उनके सपुत्र विक्रम शास्त्री जी भी अन्य परिजनों के साथ कार्यक्रम में पधारे हुए थे इस अवसर पर अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए देश के प्रख्यात कथा व्यास परम विद्वान संत श्री चिन्मयानंद बापू ने कहा इस पृथ्वी लोक पर हमारे गुरुजन बहती हुई ज्ञान की सरिता होते हैं उनके ज्ञान रूपी सरोवर में स्नान करने के बाद भक्तों का जीवन धन्य तथा कृतार्थ हो जाता है सतगुरु तारणहार है सतगुरु पावन गंगा धार सतगुरु परम अवतार हैं भक्तों का करते उद्धार परम पूज्य वंदनीय गुरुदेव चिन्मयानंद बापू महाराज ने कहा हम भगवान श्री राम माता जानकी द्वारा स्थापित सनातन परंपरा का भाग है सनातन हमारे लियें सर्वोपरि है जिस प्रकार पैर के एक ठोकर से भगवान राम ने श्रापित माता अहिल्या को पाषाण की शिला से एक सुंदर नारी बना दिया था तथा उनके जीवन का उद्धार कर दिया था इसी प्रकार भगवान राम द्वारा स्थापित सनातन परंपरा है जो इस सनातन परंपरा का निर्वाहन करता है सभी का आदर सत्कार करता है भारतीय सभ्यता और संस्कृति संस्कारों के बीच रहता है उसका अनुसरण करता है उसके जीवन का उद्धार हो जाता है जब राम का नाम लेने से पत्थर तैर सकते हैं तो राम के नाम का जाप करने मात्र से यह मानव जीवन सार्थक हो सकता है संत महापुरुषों का जीवन समाज को समर्पित होता है संत महापुरुषों द्वारा किये जाने वाले सभी कार्यों में जगत कल्याण की भावना निहित होती है संत महापुरुषों का ज्ञान सागर के सामान होता है जो तन मन दोनों को पावन कर देता है जो भक्त अपने सतगुरु के बतायें मार्ग पर चलते हैं उनकी यश कीर्ति इस लोक से चले जाने के बाद भी सदियों तक लोगों के मन मस्तिष्क पटल पर बनी रहती है और महापुरुष कभी मरा नहीं करते वह सदैव आदि से अनादि तक अपने आदर्श और किये गये कार्यों के रूप में सूक्ष्म रूप में हम लोगों के बीच विद्यमान रहते हैं राम से बड़ा राम का नाम यह वास्तव में सिद्ध होता है भले ही हमें इस मानव जीवन में भगवान राम के दर्शन ना हो किंतु राम नाम का जाप करने मात्र से तन और मन पावन हो जाते हैं देवत्व की अनुभूति होती है और हमारा लोक एवम परलोक दोनों सुधर जाते हैं इस अवसर पर बोलते हुए साध्वी महंत रंजना देवी ने कहा हमारे इस मानव जीवन का उद्धार गुरुजनों द्वारा बताये मार्ग पर चलने से ही संभव है गुरुजनों के पास भगवान तक पहुंचाने की युक्ति और मुक्ति का मार्ग दोनों है हमें सतगुरु देव धर्म कर्म के माध्यम से ईश्वर के चरणों तक पहुंचा देते हैं इस अवसर पर महंत बाबा हठयोगी महाराज महंत बिहारी शरण महाराज महंत सूरज दास महाराज महंत रवि देव महाराज महंत हरिहरानंद महाराज महंत दिनेश दास महाराज महंत दुर्गादास महाराज महंत प्रहलाद दास महाराज महेंद्र शत्रुघ्न दास महाराज महंत हितेश दास महाराज महंत रितेश दास महाराज महंत मोहन सिंह महाराज महंत हरिदास महाराज नीलेश्वर वाले स्वामी हरिदास महाराज जानकी आश्रम वाले स्वामी प्रेमानंद महाराज महंत राजकुमार दास महाराज महंत महेंद्र प्रमोद दास महाराज महंत सीताराम दास महाराज स्वामी घनश्याम दास महाराज पार्षद विदित शर्मा भाजपा के कर्मठ युवा नेता श्री अनिरुद्ध भाटी पार्षद आकाश भाटी स्वामी आकाश महाराज महंत सूतीक्षण मुनि महान सूरज दास महाराज स्वामी ज्ञाननंद जी अखंड परमधाम से महंत कन्हैया दास महाराज महंत गुरमल सिंह महाराज महंत रामानुजन दास महाराज पंडित श्री हरीश जोशी श्री संजीव श्री सूरज ठाकुर मनोजानंद सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तजन उपस्थित थे सभी ने ज्ञान की गंगा में गोते लगाने के साथ-साथ भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ किया।