श्री झूलेलाल संत मंडली के वरिष्ठ संत श्री स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज की कुटिया में संत भंडारे का आयोजन किया गया

हरिद्वार 13 अक्टूबर 2023 श्री झूलेलाल संत मंडली के वरिष्ठ संत श्री स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज की कुटिया में ठोकर नंबर 10 के निकट संत भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें श्री झूलेलाल संत मंडली के संतों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी श्री मोहन प्रकाश जी महाराज ने कहा जो भक्त अपने पूर्वजों अपने गुरुजनों अपने माता-पिता का श्राद्ध सच्ची लगन और निष्ठा के साथ संतो के पावन सानिध्य में करता है उसके पूर्वजों को सद्गति तथा पूर्वजों का लगन श्रद्धा से श्राद्ध करने पर उसके पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है उसके भाग्य का उदय हो जाता है उसके पूर्वजों एवं देवी देवताओं की उस पर कृपा बरसती है पावन नगरी हरिद्वार में अगर आप अपने पूर्वजों के निमित्त इस प्रकार के पुनीत कार्यों का आयोजन करते हैं तो आपके पूर्वजों को आपके इस छोटे से संकल्प से सद्गति प्राप्त होती है आज का कुटिया में आयोजित भंडारा गोपाल दास चोइथरनी जी की पावन स्मृति में उनके परिवार द्वारा आयोजित कराया गया जिसमें विधि विधान से संतो को कुटिया में बुलाया गया मंत्रो उच्चारण के साथ उनके निमित्त श्राद्धा के रूप में भंडारे का आयोजन किया गया ताकि उन्हें सद्गति प्राप्त हो सके भगवान श्री हरि के चरणों में मां गंगा की कृपा से उन्हें स्थान प्राप्त हो सके सभी संतो ने संस्कृत मंत्र उच्चारण के साथ आयोजित भंडारे में भाग लिया जिसमें कुटिया के महंत स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज ने सभी को श्रद्धापूर्वक अपने हाथों से भोजन परोसा तथा संतो को फल वितरण करने तथा दक्षिण वितरण करने के साथ-साथ बड़े ही सम्मान के साथ भोजन प्रसाद ग्रहण कराया तत्पश्चात गौशाला की गौ माताओं को भी फल तथा चारा व अन्य खाद्यय पदार्थ खिलाकर उनकी सेवा की गई बड़े-बड़े आश्रम भी इस प्रकार संतों की सेवा नहीं कर पाते जिस प्रकार संसाधनों के भारी अभाव के चलते कुटिया में आए दिन स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज संत भंडारा गौ सेवा तथा भक्त भंडार आयोजित कर निस्वार्थ भाव से नर सेवा ही नारायण सेवा के भाव से सेवा में जुटे हुए रहते हैं उनके सेवा भाव को देखकर संत मंडली आए दिन कुटिया में भोजन के साथ-साथ भजन कीर्तन आदि में बड़े ही प्रसन्न तरीके से भाग लेते दिखाई देते रहते हैं इस प्रकार का सेवा भाव बहुत कम स्थान में देखने के लिए मिलता है यहां बड़े-बड़े आश्रम भी इस प्रकार का निस्वार्थ भाव से सेवा करते नहीं दिखते किंतु स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज का सेवा भाव बड़े ही अलग तरीके का है संसाधनों तथा धन की कमी के चलते भी उनके सेवा भाव में कभी कोई कमी नहीं दिखती पिछले दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने तथा भारी वर्षा के कारण कुटिया में भारी नुकसान हुआ सब कुछ तहस-नहस हो गया किंतु स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज ने फिर नए तरीके से कुटिया बनाई तथा सवारी तथा फिर पुराने तरीके से वहां संत सेवा गौ सेवा भक्त सेवा निरंतर संचालित है थोड़ा संसाधनों का अभाव है किंतु सेवा का कोई अभाव नहीं आप अपनी आंखों से देखिए की सेवा किसे कहते हैं जहां मां गंगा साक्षात बहती कुछ ही कदमो पर दिख रही है किंतु धन की कमी है किंतु मन में सच्ची आस्था सच्चा सेवा भाव सच्ची लगन है तथा सेवा करने का भाव है इसी से ईश्वर मां गंगा की तथा झूलेलाल जी की कृपा यहां बरसती रहती है न जाने कहां से आता है और न जाने कहां को जाता है हम तो सेवक है इस सेवा भाव के साथ स्वामी श्री मोहन प्रकाश जी निरंतर सेवा में जुटे हुए हैं निरंतर सेवा करते रहते हैं निरंतर कुटिया को सवारते रहते हैं कि संत ऋषि मुनि आएंगे भक्त आएंगे भोजन प्रसाद ग्रहण करेंगे मेरी कुटिया भी पवन हो जाएगी और मेरा कर्म भी संत सेवा का ऐसा भाव पवन सोच बड़े ही काम संतों में देखने के लिए मिलती है स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज के समर्थ और उनके कार्यों को सरहाने के लिए शब्दों की नहीं आंखों से देखकर उनके कार्यों को सेवा के भाव को संपूर्ण संत जगत जानता है भक्तजन आए दिन सेवा भाव देखकर कुटिया में प्रसन्नता के साथ आते जाते रहते हैं।