काकोरी के शहीदों की याद में ‘साझी शहादत साझी विरासत’ को आगे बढ़ाओ! नाम से पर्चे किये वितरित
संपादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार,हरिद्वार जिले के धनपुरा और घिस्सुपुरा में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने 17 दिसंबर काकोरी के शहीदों की याद में व्यापक जन सम्पर्क कर एक पर्चा वितरित किया।
 
17 दिसंबर को दोपहर 2 बजे से बादशाहपुर के शालीमार गार्डन में एक विचार गोष्ठी को सफल बनाने के लिए लोगों का आह्वान किया।
पर्चा वितरण के दौरान कई स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं भी की गयी। वक्ताओं ने कहा कि काकोरी के ये शहीद,न सिर्फ ब्रिटिश साम्राज्यवाद (गुलामी) विरोधी संघर्ष के प्रतीक हैं बल्कि ये हिन्दू- मुस्लिम एकता के भी प्रतीक हैं।
इन शहीदों ने ,अंग्रेजों की ‘फूट डालो -राज करो ‘ की नफरती राजनीति से आपस में लड़ने की नीति के खिलाफ भी जोरदार संघर्ष किया था। “हिंदू राष्ट्र” के नाम पर उन्माद मचाते संघी और “इस्लामिक राष्ट्र” की बात करती लीग तो आजादी के संघर्ष में कहीं थी ही नहीं। ये अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” की नीति को ही जोर शोर से आगे बढ़ा रहे थे।
इन शहीदों का सपना था -भारत को एक धर्मनिरपेक्ष, गणतांत्रिक संघ बनाना।
यानी ऐसा भारत जहां धर्म और राजनीति के बीच रत्ती भर भी संबंध ना हो।धर्म लोगों का केवल निजी मामला हो।यह घर तक सीमित हो।
लेकिन वर्तमान में केंद्र सरकार ने धर्म की राजनीति करके पूरे समाज में ज़हर घोल दिया है इन फासीवादी सरकारों के खिलाफ देश के मजदूर- मेहनतकशों को एकजुट होकर मुकाबला करना होगा।
पर्चा वितरण में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासिर अहमद इंकलाबी मजदूर केंद्र के पंकज कुमार, प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की रजनी और भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के ब्रजराज उपस्थित रहे।

