सनातन और संस्कृतिक विचारों की गोद में खिलता एक सनातन संस्कृति का नन्हा सिपाही है बाल संत बालक दास महाराज
हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद) भूपतवाला स्थित श्री राम निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष महंत स्वामी ज्ञानानंद महाराज के शिष्य बाल संत बालक दास जी महाराज सनातन संस्कृति की गोद में सनातन का खिलता एक नन्हा सा कमल है जो बचपन से ही योग विद्या तथा संस्कृत के प्रखर विद्वान के रूप में निखर कर सामने आ रहे हैं बाल संत बालक दास महाराज सनातन संस्कृति को विश्व भर में और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ संत महापुरुषों के श्रेणी में शिखर पर पहुंचने वाले बाल संत हो सकते हैं क्योंकि उनकी शिक्षा दीक्षा आचरण और व्यवहार किसी विरक्त विदुषी संत भाव से कम दिखाई नहीं देते उनकी विद्वत्ता उनके मुंह से निकलने वाले शब्दों में और आचरण में दिखाई देती है संत महापुरुषों का सानिध्य उन्हें एक दिन बुलंदियों के शिखर पर पहुंचाएगा परम तपस्वी ज्ञान मूर्ति विद्वान संत महंत ज्ञानानंद जी महाराज जैसे पावन संत का पावनसानिध्य तथा मार्गदर्शन उनके भाग्यका उदय कर रहा है कहते हैं ना जैसी संगत वैसी रंगत
 

