19 August 2026

मकर संक्रांति पर्व भक्ति के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति सुख शांति समृद्धि का प्रतीक श्री श्री आनंदमयी साधना मां

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संपादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार,कनखल दक्ष रोड स्थित श्री श्री आनंदमयी कविता मां माधव आश्रममे अपने श्री मुख से भक्त जनों के बीच मकर संक्रांति की महिमा का गुणगान करते हुए आनंदमयी साधना मां ने कहा मकरसंक्रांति का पावन पर्व हमारे देश में न केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि यह आध्यात्मिक उन्नति, भक्ति और सुख-समृद्धि का भी संदेश देता है। इसी पावन अवसर पर कनखल दक्ष रोड स्थित श्री श्री आनंदमयी कविता मां माधव आश्रम में एक अद्भुत और भव्य आयोजन हुआ। आश्रम में विशाल संत भंडारे और भक्त भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर था।

 

आश्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और संत महापुरुषों ने योगेश्वरी आनंदमयी कविता मां की पावन कृपा का अनुभव किया। इस अवसर पर आश्रम से बहती ज्ञान की पवित्र सरिता में सभी ने स्नान कर अपने हृदय और मन को शुद्ध किया। यह स्नान केवल शारीरिक शुद्धि नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति का अनुभव था। उपस्थित भक्तजन कहते थे कि इस पवित्र जल और दिव्य वातावरण ने उनके जीवन में आनंद, सुख और कृतार्थता का संचार कर दिया।

श्री श्री आनंदमयी साधना मां, साक्षात, माँ दुर्गा और माँ महाकाली की शक्ति तथा शेरावाली का रूप सम्मिलित है, की अनंत कृपा इस अवसर पर सभी भक्तों पर बनी रही। उनके आशीर्वाद से हर व्यक्ति अपने जीवन में संतोष, धैर्य और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव कर सका। आश्रम में भक्तजन भजन और कीर्तन में मग्न थे, और हर तरफ भगवत्प्रेम और भक्ति की अनुभूति दिखाई दे रही थी।

भंडारे में भक्ति की सुंदर झलक देखने को मिली। संत महापुरुषों द्वारा प्रवचन और साधना का मार्ग बताने के बाद सभी भक्तजन ने प्रेमपूर्वक भंडारे का हिस्सा लिया। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति ने अपने जीवन के दुख, चिंता और तनाव को भूलकर सच्ची भक्ति और समर्पण के अनुभव को महसूस किया। आश्रम के वातावरण में हर तरफ आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार था, और यह दृश्य हर उपस्थित व्यक्ति के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।

इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि मकर संक्रांति के अवसर पर ज्ञान और भक्ति का संगम हुआ। प्रत्येक भक्त ने इस पावन दिन को अपने जीवन में नए उत्साह, नवाचार और आध्यात्मिक चेतना के साथ मनाया। आश्रम से विदा लेते समय सभी ने अपने जीवन को धन्य और कृतार्थ महसूस किया, और इस पावन आयोजन की स्मृति को हमेशा अपने हृदय में संजो कर रखने का संकल्प लिया।

इस प्रकार, श्री श्री आनंदमयी कविता मां आश्रम माधव आश्रम में आयोजित यह मकर संक्रांति का पर्व केवल एक साधारण आयोजन नहीं था, बल्कि यह भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक अनुभव का अनुपम संगम बनकर सामने आया। यह अवसर सभी भक्तों और संतों के लिए एक दिव्य अनुभव और जीवन को धन्य बनाने वाला पर्व साबित हुआ। इस अवसर पर हरिद्वार के मठ मंदिर आश्रमों से आये संत महापुरुषों ने भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया भक्त जनों ने श्री श्री आनंदमयी साधना मां के पावन वचनों से अपने जीवन को धन्य तथा कृतार्थ किया श्रद्धालु देश के कोने-कोने से आनंदमयी साधना मां के पावन वचनों की वर्षा में स्नान करने हेतु पधारे हुए थे माता ने सभी को सुख शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया

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