परम पूज्य गुरुदेव महंत स्वामी योगेश्वरानंद महाराजने अपने अमृतमय वचनों से श्रद्धालुओं को ज्ञान, भक्ति और आत्मिक शांति का संदेश दिया

विज्ञापन

हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद पावन भूपतवाला क्षेत्र में गीता कुटीर रोड स्थित प्रसिद्ध दीप्ति कुटीर आनंद वन में आयोजित प्रातःकालीन सत्संग में आज वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। प्रातः स्मरणीय परम पूज्य गुरुदेव महंत स्वामी योगेश्वरानंद महाराजने अपने अमृतमय वचनों से श्रद्धालुओं को ज्ञान, भक्ति और आत्मिक शांति का संदेश दिया।

गुरुदेव ने कहा कि इस संसार में मनुष्य अनेक प्रकार की उपलब्धियाँ अर्जित करता है—धन, पद, प्रतिष्ठा, वैभव और भौतिक सुख-सुविधाएँ। लेकिन इनमें से कोई भी स्थायी नहीं है और न ही यह मनुष्य को वह वास्तविक शांति दे सकती है जिसकी खोज वह जीवन भर करता रहता है। उन्होंने समझाया कि वास्तविक सुख केवल आत्मिक संतोष में निहित है, जो ईश्वर के स्मरण, भजन और सत्संग से प्राप्त होता है।उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य जीवन की सबसे बड़ी और बहुमूल्य निधि “आत्मिक संतोष” है। यह ऐसी संपदा है जो न तो खरीदी जा सकती है, न बेची जा सकती है और न ही किसी से छीनी जा सकती है। यह केवल साधना, सत्संग और ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति से ही प्राप्त होती है। जब मनुष्य अपने मन को संसार की भागदौड़ से हटाकर प्रभु के चरणों में लगाता है, तभी उसके भीतर वास्तविक शांति का जन्म होता है।गरुदेव ने भजन और सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भजन केवल एक क्रिया नहीं बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है। सत्संग वह दिव्य स्थान है जहाँ मनुष्य को सही मार्गदर्शन मिलता है, उसके विचार पवित्र होते हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। सत्संग में सुनी गई हर बात मनुष्य के जीवन को धीरे-धीरे बदलकर उसे अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करती है।उन्होंने कहा कि ज्ञान की निधि और हरि का भजन ऐसी अमूल्य संपत्ति है जो मनुष्य के साथ जन्म-जन्मांतर तक रहती है। यह ऐसी पूँजी है जिसे न समय नष्ट कर सकता है और न ही कोई बाहरी शक्ति समाप्त कर सकती है। जो व्यक्ति इस आध्यात्मिक संपदा को अपने जीवन में धारण कर लेता है, उसका जीवन शांति, संतोष और आनंद से परिपूर्ण हो जाता है।सत्संग के अंत में श्रद्धालु भक्तगण गुरुदेव महंत योगेश्वरानंद महाराज के वचनों से भाव-विभोर हो उठे और सभी ने ईश्वर के नाम-स्मरण एवं भक्ति मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

 

विज्ञापन
Copyright © All rights reserved. | Sakshar Haridwar Powered by www.WizInfotech.com.