हरिद्वार की बेटी रचना सिंह ने रचा इतिहास, उत्तराखंड पीसीएस में चयन से जिले का बढ़ाया गौरव- प्रियव्रत
संपादक प्रमोद.कुमार
हरिद्वार, 7 जून 2026: हरिद्वार जनपद के बहादराबाद ब्लाक की होनहार बेटी रचना सिंह ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा-2025 में चयनित होकर न केवल अपने परिवार व गांव का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे हरिद्वार जिले को प्रदेश व देशभर में गौरवान्वित किया है। रचना के डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन की खबर मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
 
*बहादराबाद में भव्य सम्मान समारोह*
रविवार को बहादराबाद स्थित एक बैंक्वेट हॉल में रचना सिंह के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। क्षेत्र के पूर्व प्रधान, पूर्व ब्लाक प्रमुख, समाजसेवियों व ग्रामीणों ने पुष्पगुच्छ, शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर रचना का स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ रचना का गांव में जुलूस भी निकाला गया।
*‘कठिन परिश्रम की जीत है रचना की सफलता’ – श्याम सुंदर आदित्य*
कार्यक्रम में पूर्व प्रधान श्याम सुंदर आदित्य ने कहा, “रचना सिंह ने सीमित संसाधनों में कठिन परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। आज हर घर में माता-पिता अपनी बेटियों को रचना का उदाहरण दे रहे हैं। इनकी सफलता से क्षेत्र की बेटियों को नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी।”
*‘स्पष्ट लक्ष्य हो तो मंजिल दूर नहीं’ – पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रियव्रत*
पूर्व ब्लाक प्रमुख बहादराबाद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रियव्रत ने रचना को बधाई देते हुए कहा, “रचना सिंह का पीसीएस में चयन पूरे हरिद्वार जनपद के लिए गौरव का विषय है। यह सिद्ध करता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रशासनिक सेवा में जाना बेहद कठिन है, लेकिन रचना ने यह कर दिखाया।”
श्री प्रियव्रत ने कहा कि सरकार को चाहिए कि गांव-गांव में डिजिटल लाइब्रेरी व कोचिंग की सुविधा दे, ताकि रचना जैसी और प्रतिभाएं सामने आ सकें। “मैं विश्व दलित परिषद व किसान यूनियन की ओर से मांग करता हूं कि मेधावी ग्रामीण छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू की जाए,” उन्होंने कहा।
*‘गांव की प्रतिभा राष्ट्रीय फलक पर’ – तीर्थपाल रवि*
समाजसेवी तीर्थपाल रवि ने कहा, “रचना सिंह की उपलब्धि हरिद्वार जिले के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने अपने परिश्रम से यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। आज जरूरत है कि युवा पीढ़ी मोबाइल-रील कल्चर से निकलकर रचना के संघर्ष से प्रेरणा ले और शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर अग्रसर हो।”
*संघर्ष से सफलता तक का सफर*
रचना सिंह बहादराबाद ब्लाक के *__ गांव की रहने वाली हैं। पिता ** किसान हैं और माता ** गृहणी हैं। रचना ने प्राथमिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से ली। इसके बाद ** इंटर कॉलेज से 12वीं में जिला टॉप किया। उन्होंने *__ विश्वविद्यालय से स्नातक किया और दिल्ली में रहकर 3 साल तक पीसीएस की तैयारी की। दूसरे प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली है।
रचना ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों व अपने कठिन परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा, “गांव की लड़कियों को लगता है कि उनके लिए विकल्प कम हैं। मैं कहना चाहती हूं कि सपने बड़े देखो। किताबें आपकी सबसे अच्छी दोस्त हैं। कोचिंग न हो तो ऑनलाइन पढ़ाई करो, लेकिन हार मत मानो।”
सम्मान समारोह में मुख्य रुप से पवन कुमार, एसएस तेजियान, पूर्व प्रधान श्याम सुंदर आदित्य, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रियव्रत सिंह, तीर्थपाल रवि, ग्राम प्रधान बीडीसी मेंबर सहित सैकड़ों ग्रामीण, युवा व महिलाएं मौजूद रहीं।अंत में रचना के पिता ने सभी का आभार जताया।

