देसंविवि के युवाओं ने नुक्कड़ नाटक से समझाया नशे का नुकसान, हजार से अधिक लोग हुए शामिल
हरिद्वार 4 अक्टूबर।हाथों में नशामुक्ति के संदेश वाली तख्तियां और जुबां पर जनजागरण के नारे… रविवार को शांतिकुंज और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के युवा नशे के खिलाफ एकजूट हुए। अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में देवसंस्कृति विश्वविद्यालय से नशामुक्ति रैली निकाली गई। इसमें युवाओं, विद्यार्थियों, शांतिकुंज कार्यकर्ताओं और गायत्री परिवार के परिजनों सहित हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की। रैली का संदेश था नशा छोड़ें और अपनी ऊर्जा को सृजन, सेवा व राष्ट्र निर्माण में लगाएं।
 
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय से शुरू हुई रैली हरिपुर कलां होते हुए शांतिकुंज पहुंची। मार्ग में ‘नशा भारत छोड़ो’, ‘व्यसन छोड़ें-सृजन से जुड़ें’, ‘नशामुक्त युवा-समर्थ भारत’ जैसे नारों से वातावरण गूंजता रहा। युवाओं ने राहगीरों और स्थानीय लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। शांतिकुंज पहुंचने पर रैली सभा में परिवर्तित हो गई।
सभा को संबोधित करते हुए गायत्री विद्यापीठ की प्रबंधिका श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने सभी प्रतिभागियों को ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ऊर्जा है। युवा अपनी ऊर्जा को नशे से दूर रखकर शिक्षा, सेवा, साधना, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण में लगाएं तो विकसित भारत के संकल्प को नई गति मिल सकती है। शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेंद्र गिरि ने कहा कि नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। परिवार, शिक्षण संस्थान और सामाजिक संगठन मिलकर युवाओं को सकारात्मक दिशा दें। उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के युवाओं ने नशामुक्ति पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर नशे की गिरफ्त में फंसते व्यक्ति और उसके परिवार पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से सामने रखा। प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं ने नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने की अपील की। यह रैली ‘100 रविवार, एक उद्देश्य’ अभियान के अंतर्गत निकाली गई।
रैली के समापन पर प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने सहपाठियों और आसपास के लोगों को भी इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, देसंविवि के कुलसचिव श्री बलदाउ देवांगन, एनसीसी तथा भारत स्काउट एवं गाइड से जुड़े युवा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।



