13 August 2026

पंच दिवसीय हवन तथा विशाल भंडारे का आयोजन संतपंच दिवसीय हवन तथा विशाल भंडारे का आयोजन संत महापुरुष के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।

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पंच दिवसीय हवन तथा विशाल भंडारे का आयोजन संतपंच दिवसीय हवन तथा विशाल भंडारे का आयोजन संत महापुरुष के पावन सानिध्य में संपन्न आश्रम मठ मंदिर अखाड़े सनातन संस्कृति के संवर्धन का केंद्र श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज हरिद्वार कनखल स्थित कपिल वाटिका में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत परम पूज्य रवींद्र पुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में पंच दिवसीय हवन के समापन के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हरिद्वार के अनेकों मठ मंदिर आश्रमों के महामंडलेश्वर महंत श्री महंत तथा संत महा पुरुषों ने भाग लिया इस अवसर पर अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए महामंडलेश्वर 1008 श्री हरिशन्द्रपुरी जी महाराज ने कहा धार्मिक कार्य यज्ञ अनुष्ठान धर्म संवर्धन का कार्य करते हैं धर्म संस्कृति के संरक्षण का कार्य करते हैं इतना ही नहीं ऐसे पावन कार्य आयोजन बड़े ही सौभाग्यशाली लोग कर पाते हैं यज्ञ अनुष्ठान करने से देवी देवताओं की कृपा बरसती है साथ ही संत महापुरुषों का सानिध्य प्राप्त होने के साथ-साथ महापुरुषों का आशीर्वाद प्राप्त होता है जो की अति कल्याणकारी है इस अवसर पर अपने श्री मुख से ज्ञान की वर्षा करते हुए परम विद्वान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा यज्ञ अनुष्ठान तथा भंडारे आदि धार्मिक कार्य व संत महापुरुषों के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की गंगा भक्तों के लिए अति कल्याणकारी संत महापुरुषों के आशीर्वचन भक्तों के भाग्य का उदय करते हैं मठ मंदिर आश्रम अखाड़े से होने वाला शंखनाद विश्व भर में सनातन संस्कृति के रूप में गूंजता है आज संपूर्ण विश्व भारत की सनातन परंपरा को अपना रहा है धर्म और संस्कृति के संवर्धन का केंद्र है मठ मंदिर आश्रम और अखाड़े इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत प्रेम पुरी जी महाराज ने कहा गुरुजन धर्म कर्म के माध्यम से भक्तजनों के जीवन को कल्याण की ओर अग्रसर करते हैं इस कलयुग में धर्म कर्म ही कल्याण का माध्यम है महापुरुष के पावन सानिध्य में संपन्न आश्रम मठ मंदिर अखाड़े सनातन संस्कृति के संवर्धन का केंद्र श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज हरिद्वार कनखल स्थित कपिल वाटिका में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत परम पूज्य रवींद्र पुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में पंच दिवसीय हवन के समापन के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हरिद्वार के अनेकों मठ मंदिर आश्रमों के महामंडलेश्वर महंत श्री महंत तथा संत महा पुरुषों ने भाग लिया इस अवसर पर अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए महामंडलेश्वर 1008 श्री हरिशन्द्रपुरी जी महाराज ने कहा धार्मिक कार्य यज्ञ अनुष्ठान धर्म संवर्धन का कार्य करते हैं धर्म संस्कृति के संरक्षण का कार्य करते हैं इतना ही नहीं ऐसे पावन कार्य आयोजन बड़े ही सौभाग्यशाली लोग कर पाते हैं यज्ञ अनुष्ठान करने से देवी देवताओं की कृपा बरसती है साथ ही संत महापुरुषों का सानिध्य प्राप्त होने के साथ-साथ महापुरुषों का आशीर्वाद प्राप्त होता है जो की अति कल्याणकारी है इस अवसर पर अपने श्री मुख से ज्ञान की वर्षा करते हुए परम विद्वान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा यज्ञ अनुष्ठान तथा भंडारे आदि धार्मिक कार्य व संत महापुरुषों के श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की गंगा भक्तों के लिए अति कल्याणकारी संत महापुरुषों के आशीर्वचन भक्तों के भाग्य का उदय करते हैं मठ मंदिर आश्रम अखाड़े से होने वाला शंखनाद विश्व भर में सनातन संस्कृति के रूप में गूंजता है आज संपूर्ण विश्व भारत की सनातन परंपरा को अपना रहा है धर्म और संस्कृति के संवर्धन का केंद्र है मठ मंदिर आश्रम और अखाड़े इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत प्रेम पुरी जी महाराज ने कहा गुरुजन धर्म कर्म के माध्यम से भक्तजनों के जीवन को कल्याण की ओर अग्रसर करते हैं इस कलयुग में धर्म कर्म ही कल्याण का माध्यम है

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