ज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाले महान संत थे ऋषि श्री ब्रह्म हरि महाराज बोले श्री महंत दामोदर शरण महाराज

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प्रमोद कुमार हरिद्वार

हरिद्वार 24 अगस्त 2024 कनखल स्थित आनंदमई पुरम दक्ष रोड कनखल श्री ब्रह्म हरि आश्रम मे परम पूज्य ब्रह्मलीन गुरुदेव स्वामी ब्रह्म हरि जी महाराज की 27वीं पावन पुण्यतिथि बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास के साथ संत महापुरुषों की गरिमामय उपस्थित के बीच मनाई गई इस अवसर पर श्री रामायण जी के पाठ का भी समापन हुआ इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर 1008 श्री हरि चेतनानन्द महाराज ने कहा ग्रहस्त जीवन में एक पुत्र को उसका पिता विरासत में जमीन जायदाद तथा जीवन यापन की कला सिखाता है किंतु गुरु अपने शिष्यों को धर्म की विरासत सौंपने के साथ-साथ ज्ञान की गंगा में गोते लगाकर अपने जीवन को धन्य करने की शिक्षा देते हैं इस अवसर पर बोलते हुए आश्रम के श्री महंत दामोदर शरण महाराज ने कहा परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री ब्रह्म हरि जी महाराज ज्ञान का एक विशाल सूर्य थे उन्होंने अपने अर्जित ज्ञान को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया महंत सचिव गोविंद दास महाराज ने कहा संत महापुरुष धर्म कर्म के माध्यम से भक्तों के जीवन को सार्थक कर देते हैं इस अवसर पर बोलते हुए कोठारी महंत राघवेंद्र दास महाराज ने कहा गुरु सत्य का पथ होते हैं जो धर्म-कर्म के माध्यम से भक्तों को सत्य की राह दिखा देते हैं इस अवसर पर बोलते हुए महंत रवि देव वेदांताचार्य ने कहा गुरु के पावन चरण भक्तों के तन मन को पावन कर देते हैं उनके श्री मुख से बहने वाली ज्ञान की गंगा उनके जीवन का उद्धार कर देती है वे लोग बड़े ही भाग्यशाली होते हैं जिन्हें गुरुजनों का सानिध्य प्राप्त होता है इस अवसर पर बोलते हुए महंत रघुवीर दास महाराज ने कहा जहां राम नाम की गंगा बह रही हो ऐसे पावन स्थान पर गुरुजनों का सानिध्य प्राप्त होना बड़े ही भाग्य की बात है राम नाम की महिमा का गुणगान सुनने मात्र से मनुष्य जीवन धन्य हो जाता है उसके जीवन के सभी शक्ल समाप्त हो जाते हैं इस अवसर पर बोलते हुए महंत सूरज दास महाराज ने कहा जो सत्य और धर्म की राह पर चलते हैं उनका कभी अहित हो ही नहीं सकता और जो गुरु के मार्गदर्शन में चलते हैं वह अपने जीवन को सार्थक कर लेते हैं इस अवसर पर महामंडलेश्वर हरि चेतनानन्द महाराज महामंडलेश्वर प्रबोधानंद महाराज महामंडलेश्वर जगदीशानंद महाराज स्वामी अमृत मुनि महाराज महामंडलेश्वर शिवानंद महाराज महामंडलेश्वर कपिल मुनि महाराज महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महाराज महंत दामोदर शरण महाराज महंत गंगादास उदासीन सचिव महंत गोविंद दास महाराज कोठारी महंत राघवेंद्र दास महाराज महंत कमलेशानन्द महाराज महंत सुतीक्ष्ण मुनि महाराज स्वामी महिमानंद महाराज स्वामी अमृत मुनि महाराज महंत सूरज दास महाराज महंत रवि देव महाराज महंत विष्णु दास जी कोतवाल धर्मदास महाराज कोतवाल रामदास महाराज कोतवाल रमेशानन्द देहरादून बाबा कोतवाल कालीचरण महाराज कोतवाल श्याम गिरी महाराज परवीन कश्यप ठाकुर मनोजानन्द रितिक सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्त उपस्थित थे।

 

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