मां सुरेश्वरी देवी की महिमा है अपार,कष्ट हरतीं,सुख देतीं अपरंपार
प्रमोद कुमार हरिद्वार
हरिद्वार त्रिलोक चंद तिवारी महाराज ने कहा कि घने जंगलों के बीच विराजमान मां सुरेश्वरी देवी की महिमा अपरंपार है। इसी स्थान पर देवराज इन्द्र ने कठिन तपस्या कर मां भगवती सुरेश्वरी देवी को प्रसन्न किया था और उनके आशीर्वाद से स्वर्ग का आधिपत्य पुनः प्राप्त किया था।मान्यता है कि जहां- जहां भगवती सती के अंग गिरे थे, उस स्थान को शक्ति पीठ और जहां साधना- तपस्या के माध्यम से भगवती अवतरित हुई उस स्थान को सिद्ध पीठ कहा जाता है। मां सुरेश्वरी देवी प्राचीन सिद्ध पीठ मंदिर है। जिसके दर्शन मात्र से ही भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
हरिद्वार से 8 किमी दूर राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज में घने जंगल के बीच सुरकुट पर्वत पर मां सुरेश्वरी देवी का मंदिर स्थित है। सालभर इस पौराणिक मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है सुरेश्वरी देवी मंदिर के प्रति भक्तों की आस्था अटल है। इसी आस्था के बल पर आबादी से दूर घने जंगल के बीच से गुजरकर श्रद्धालु मां सुरेश्वरी देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं।
 

