अनुसूचित जाति की महिलाओं क धरने के 42 वें दिन भी तहसील प्रशासन की ओर से कोई भी कार्यवाही होती दिखाई नहीं दे रही – भंवर सिंह
प्रमोद कुमार सम्पादक
हरिद्वार 03 दिसंबर 2024 जिला हरिद्वार के ग्राम जगजीतपुर में ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 1997 में अनुसूचित जाति के लोगों के आवंटित पट्टों पर भू माफियाओं का जबरन कब्जा कराकर तहसील प्रशासन के कर्मचारी अनुसूचित जाति की महिलाओं का घोर उत्पीड़न कर रहे है। पुलिस एवं तहसील प्रशासन के कर्मचारियों एवं भू-माफिया द्वारा किए गए घोर उत्पीड़न के खिलाफ ग्राम जगजीतपुर की अनुसूचित जाति की कुमारी प्रमिला, विद्या देवी ,कलावती,सुखबीरी , सुलोचना देवी, सीतो देवी आदि 23 अक्टूबर 2024 से ग्राम जगजीतपुर के अंबेडकर भवन में धरने पर बैठी है।जबकि आवंटित पट्टो का वाद अभी भी एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है जिसकी 4 दिसंबर 2024 सुनवाई की तारीख निश्चित की गई है।
0 9 अक्टूबर 2024 हरिद्वार की तहसीलदार महोदया अपने साथ कानूनगो, पटवारी एवं पुलिस को लेकर धरने पर बैठी पीड़ित अनुसूचित जाति की महिलाओं से वार्ता करने धरने पर आई थी ।पीड़ित महिलाओं से विस्तार से चर्चा करने के बाद जांच कमेटी बनाकर शीघ्र न्याय दिलाने का आश्वासन देकर गई थी। उस दिन पूर्व जज साहब कांता प्रसाद जी भी मौजूद थे।
परंतु आज धरने के 42 वें दिन भी तहसील प्रशासन की ओर से कोई भी कार्यवाही होती दिखाई नहीं दे रही है जिससे तहसील प्रशासन के खिलाफ अनुसूचित जाति की महिलाओं में भारी आक्रोश है।
कुमारी प्रमिला, विद्या देवी, सुखबीरी, कलावती आदि ने बताया कि शासन प्रशासन के कर्मचारियों के अडियल रवैए को देखते हुए अनुसूचित जाति की पीड़ित महिलाएं सरकार की नींद खोलने के लिए शीघ्र सड़क पर प्रदर्शन करेगी और अगर इसके बाद भी हमें न्याय नहीं मिला तो हम आत्मदाह करने पर मजबूर होगें जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
 
भंवर सिंह ( प्रदेश संयोजक) बहुजन क्रांति मोर्चा उत्तराखंड मो.न. 9410395296

