शास्त्रों के अध्ययन और ज्ञान के संवर्धन से मनुष्य को ईश्वर की अनुभूति होती है श्री महंत रघुवीर दास महाराज
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार 19 फरवरी 2025 (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानन्द )श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े में भक्तजनों के बीच अपने श्रीमुख से उद्गार व्यक्त करते हुए आश्रम के श्री महंत परम पूज्य श्री रघुवीर दास महाराज ने कहा हमारे धर्म शास्त्रों के अध्ययन तथा ज्ञान के आदान-प्रदान से मनुष्य को ईश्वर की अनुभूति होती है ईश्वर कदम कदम पर हमारे साथ चलते हैं अगर ईश्वर ना होते तो ना यह सूर्य होते ना चंद्रमा होते और ना सितारे होते ना यह धरती होती और ना ही आसमान होता सिर्फ और सिर्फ अंधकार होता जब ईश्वर है तभी यह धरती है तभी सूर्य है तभी जमीन और आसमान कहने का मतलब यह है की सत्य को सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती सत्य के रूप में सूर्य आप लोगों के बीच स्वयं प्रकाशमान है इसलिये मनुष्य को शास्त्रार्थ के जरिये विद्वान लोगों के बीच बैठकर वरिष्ठ जनों के साथ विचारों का आदान-प्रदान कर अपने ज्ञान का संवर्धन करना चाहिये और यह मानव जीवन सार्थक करने के लिए भगवान श्री हरि भगवान श्री राम माता जानकी की आराधना करनी चाहिये इस कलयुग में हरि भजन ही मानव जीवन सार्थक करने का माध्य और सतगुरु हमारे सच्चे पथ दर्शक
 

