14 August 2026

श्री अनिल कृष्णा शास्त्री महाराज महामंडलेश्वर पद पर विभूषित नाथों के नाथ भगवान भोलेनाथ सृष्टि के रचयिता तथा श्रृंघार करता करता बोले अध्यक्ष संजीवन नाथ महाराज

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सम्पादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार 26 फरवरी 2025 श्री अटल अखाड़े में गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़े द्वारा श्री अनिल कृष्णा शास्त्री जी महाराज को अखाड़े के महामंडलेश्वर पद पर विभूषित किया गया पट्टाभिषेक कार्यक्रम गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़े के संत के संत महापुरुषों की गरिमा मय उपस्थित के बीच श्री अनिल कृष्णा जी महाराज का महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक मंत्र उच्चारण तथा जय घोष के नारों के साथ संपन्न हुआ तत्पश्चात एक विशाल शोभायात्रा निकल गई जिसमें अनेकों बोगी रथो पर सवार होकर सुसज्जित अशव वाले रथ बैंड बाजो की धुन व जयकारों की गूंज के साथ संपूर्ण वातावरण भक्ति मय वातावरण में परिवर्तित हो गया शोभा यात्रा को देखने के लिए सड़कों के दोनों तरफ स्थानीय नागरिकों की भीड़ लग गई तथा शोभा यात्रा पर भक्तजनों द्वारा रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा की गई शोभायात्रा समाप्ति के पश्चात सभी संत श्री अनिल कृष्णा जी महाराज को महामंडलेश्वर बनने पर हार्दिक मंगल कामनाएं प्रेषित की इस अवसर पर बोलते हुए अखाड़े के अध्यक्ष श्री संजीवन नाथ महाराज ने कहा आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ज्ञान मूर्ति परम विद्वान परम तपस्वी श्री अनिल कृष्णा शास्त्री जी महाराज जोकि अनेको शास्त्रों के ज्ञाता है उन्हें अखाड़ा महामंडलेश्वर पद पर विभूषित करते हुए खुद को गौरवान्वित समझ रहा है ऐसे प्रखर विद्वानों के अखाड़े से जुड़ने से अखाड़ा दिन प्रतिदिन संत महापुरुषों की एक भारी जमात जोडता जा रहा है महामंडलेश्वर की पावन पदवी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो ज्ञान में त्याग में समर्पण में साक्षात भक्ति मय होकर ईश्वर में ध्यान चित हो गया हो ऐसे महापुरुषों को उनके ज्ञान संवर्धन के स्वरूप मंडली के ईश्वर के रूप में महामंडलेश्वर पद पर विभूषित किया जाता है जो ज्ञान में बुद्धि तर्पण में विवेक में और ग्रंथों के कंठस्थ ज्ञान से वह ईश्वर का प्रतिनिधि बनकर सत्य के मार्ग पर चलने वाले धर्मनिष्ठ लोगों को उनका मार्गदर्शन करते हुए ईश्वर भक्ति की गाथा गाकर उन्हें सनातन से जोड़ते हुए ईश्वर भक्ति प्रदान करते हैं इस पृथ्वी लोक पर सिर्फ दो ही अजन्में नाथ है एक तो इस सृष्टि के रचयिता तथा श्रृंघार करता नाथों के नाथ भगवान श्री भोलेनाथ है जिन्होंने किसी माता के गर्व से जन्म नहीं लिया और दूसरे उन्हीं के परम अवतार हमारे सच्चे मार्गदर्शक गुरु हमारे प्रेरणा का स्रोत गुरु श्री गोरखनाथ है जिन्होंने माता के गर्व से जन्म नहीं लिया गुरु गोरखनाथ जी महाराज 12 साल की आयु में गोबर की कुडी से प्रकट हुए थे इसीलिये उनके गुरु ने उनका नाम गोरखनाथ रखा भगवान श्री गुरु गोरखनाथ जी महाराज हर युग में अवतरित हुए हैं भगवान राम के स्वयंवर में भी उन्हें आमंत्रित किया गया था भगवान कृष्ण के युग में गुरु श्री गोरखनाथ ने जिस स्थान पर तपस्या की थी गुजरात में इस स्थान पर माता रुक्मणी तथा भगवान श्री कृष्ण का विवाह हुआ था कहने का तात्पर्य यह है कि पृथ्वी लोक पर संत साक्षात ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में भक्तों के मार्गदर्शन हेतु अवतरित होते हैं तथा धर्म-कर्म यज्ञ अनुष्ठान पूजा पाठ के माध्यम से भक्तों को कल्याण का मार्ग दिखाते हैं तथा ईश्वर के शरणागत करते हैं इस वर्ष अखाड़ा 51 महामंडलेश्वर बनाने का लक्ष्य पूर्ण करने के साथ-साथ सवा लाख से अधिक अखाड़े के सदस्य बनायेगा इस अवसर पर अपने श्री मुख से उदगार व्यक्त करते हुए महामंडलेश्वर श्री अनिल कृष्णा जी महाराज ने कहा जो भक्त भगवान की शरणागत हो जाते हैं उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती कदम कदम पर उनके मार्गदर्शन हेतु ईश्वर किसी न किसी रूप में उनके साथ खड़े होते हैं आज मुझे गुरु गोरखनाथ अलख अखाड़े द्वारा महामंडलेश्वर पद पर आसीन किया गया है मैं इस पद की गरिमा को सदैव बनाये रखुगां तथा भगवान श्री गुरु गोरखनाथ भगवान श्री नाथों के नाथ भोलेनाथ के चरणों में शरणागत होते हुए भक्ति मय होकर अन्य धर्म प्रेमियों को भी भक्ति रस का वर्ण कराने का प्रयास करूंगा मैं बड़ा ही सौभाग्यशाली हूं की मोक्ष दाहिनी मां गंगा की पावन नगरी में संत महापुरुषों की पावन चरण स्थल पावन धरा हरिद्वार में मुझे महामंडलेश्वर जैसे गौरवान्वित पद पर विभूषित किया गया मेरा जीवन धन्य हो गया इस अवसर पर बोलते हुए कोतवाल कमल मुनि महाराज ने कहा संतों का जीवन समाज को समर्पित होता है संत महापुरुषों द्वारा किये जाने वाले कार्यों में जगत कल्याण की भावना निहित होती है इस अवसर पर योगी परम पूज्य शंकर नाथ महाराज योगी परम पूज्य भारतनाथ महाराज अखाड़े के अध्यक्ष परम वंदनीय श्री संजीवन नाथ जी महाराज श्री सूर्य नारायण गोस्वामी स्वामी स्वामी करुणा नंद गिरी महाराज रण महाराज स्वामी गिरजानंद महाराज स्वामी किशन दास महाराज धनराज गिरी महाराज योगी भरतनाथ महाराज महंत शांति प्रकाश महाराज श्याम गिरी महाराज श्रीदेवी लाल चंदेल श्रीमती देवी चंपा बाई चंदेल श्री यशवंत चंदेल श्रीमती चंद्रलेखा चंदेल सानिध्य चंदेल ऐश्वर्या चंदेल शुभम चंदेल परवीन कश्यप कृष्ण सिंह मनोजानन्द सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तगण उपस्थित थे जिन्होंने पट्टाभिषेक कार्यक्रम तथा शोभा यात्रा में भाग लिया

 

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