ज्वालादास आश्रम में धूमधाम से संपन्न हुआ विशाल सत्संग एवं भण्डारा, हजारों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण- तीर्थपाल रवि
संपादक प्रमोद कुमार
*गुरु वाणी और सेवा भाव से गूंजा ज्वालापुर*
 
हरिद्वार/ज्वालापुर।आध्यात्मिक चेतना और सेवा भाव के प्रतीक *ज्वालादास आश्रम, मोहल्ला कड़छ* में *ज्वालादास आश्रम सेवा समिति* के तत्वावधान में आयोजित *दो दिवसीय विशाल सत्संग एवं भण्डारा* 12-13 अगस्त को धूमधाम से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में *श्री गुरु रविदास जी* एवं *श्री श्री 1008 गुरु ज्वालादास जी महाराज* के विचारों और उपदेशों का गुणगान किया गया। संत-महात्माओं ने गुरु वाणियों पर प्रवचन दिए और भजन-कीर्तन से पूरे आश्रम को भक्तिमय बना दिया।

इस पावन अवसर पर *मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता* तथा *विशिष्ट अतिथि श्री विशाल मुखिया, सदस्य अनुसूचित जाति आयोग* उपस्थित रहे। समिति द्वारा सभी अतिथियों एवं अन्य राज्यों से पधारे साधु-संतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार ने कहा कि”ज्वालादास आश्रम सेवा समिति ने सेवा और समरसता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। गुरु ज्वालादास जी और गुरु रविदास जी का संदेश था कि सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है। ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा और आध्यात्मिक चेतना बढ़ाते हैं। मैं पूरी समिति को बधाई देता हूं।”
विशिष्ट अतिथि श्री विशाल मुखिया ने कहा कि”यह आयोजन गुरु रविदास जी के ‘बेगमपुरा’ के सपने को साकार करता है। यहां बिना किसी भेदभाव के सभी ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। अनुसूचित जाति आयोग की ओर से मैं ऐसे सामाजिक कार्यों को पूर्ण समर्थन देता हूं।”
अध्यक्ष तीर्थपाल रवि ने कहा कि “गुरु महाराज की कृपा से हमारा यह सत्संग और भण्डारा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। हमारा उद्देश्य केवल भण्डारा कराना नहीं था, बल्कि गुरु ज्वालादास जी और गुरु रविदास जी के समानता और सेवा के संदेश को घर-घर तक पहुंचाना था। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह संभव हो पाया। मैं सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करता हूं।”
उपाध्यक्ष रमेश नाथ महाराज ने कहा कि”आज के समय में समाज को जोड़ने वाले ऐसे आयोजनों की बहुत आवश्यकता है। गुरु ज्वालादास जी ने हमेशा कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। दो दिनों तक चले इस सत्संग और भण्डारे में जिस प्रकार श्रद्धालुओं ने भाग लिया, उससे सिद्ध होता है कि आज भी लोग गुरु वाणी और सेवा से प्रेरणा लेते हैं। समिति आगे भी ऐसे सेवा कार्य करती रहेगी।”
कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक महंत सोमदास, सह संयोजक चन्द्रपाल सिंह, अध्यक्ष तीरथपाल रवि सचिव पुनीत कुमार, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार, ऑडिटर सतीश कुमार एवं प्रचार मंत्री नरेन्द्र सेठी, वेद प्रकाश योगेंद्र पाल रवि श्यामल कुमार कुशल पाल अशोक कुमार पोस्टमैन सतीश कुमार मेहर चंद सुनील कुमार दिनेश कुमार शिवपाल रवि यशपाल ऋषिपाल आदि ने अपना योगदान दिया
कार्यक्रम में अनेक राज्यों से पधारे साधु संतों ने भाग लिया जो इस प्रकार है महात्मा रमेश नाथ, सुरेन्द्रनाथ,बिरम नाथ, सूरदास,राजुदास,राजेश दास, विजय दास,मेहरचंद दास,बब्लू दास,कल्लू दास,सुखबीर दास,सोमदास, चिंतनदास, नेपाल दास,धीरदास,बंटी दास,इच्छा नाथ, राजबीर,ज्ञानचंद दास, अतर सिंह,सुशील दास,मोहर दास,बबली, गंगेश्वर, इलमचंद, गुलाब राय, पुष्पेंद्र दास,ऋषिपाल दास,योगी मोनी बाबा,छोटे लाल,सतबीर दास,लता, अतरी,देशराज आदि
रंगीन लाइटों और फूलों से सजे आश्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भण्डारे में प्रसाद ग्रहण किया एवं पुण्य के भागी बने ।
*जय गुरु रविदास जी*
*जय गुरु ज्वालादास जी महाराज*

