आदि भी शिव है अनादि भी शिव है इस सृष्टि के कण-कण में शिव समाहित है श्री महंत रघुवीर दास महाराज
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सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार(वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद) श्री सुदर्शन आश्रम अखाड़े में भक्तजनों के बीच अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए श्री महंत रघुवीर दास जी महाराज ने कहा शिव ही आदि है और शिव ही अनादिहै इस सृष्टि के कण-कण में शिव समाहित है भगवान श्री राम के शिव आराध्या हैं और भगवान शिव के भगवान राम आराध्या हैं दोनों एक दूसरे के पूरक है तथा संपूर्ण सृष्टि को एक दूसरे के पूरक होने का संदेश देते हैं दोनों एक दूसरे के आराध्य है शिव में राम समाहित है राम में शिव समाहित है जो शिव है वही भगवान राम है और जो राम है वही भगवान शिव है भगवान राम का नाम जन्मो जन्म के संताप समाप्त कर देता है
 
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