20 August 2026

हमारे धर्म ग्रंथों में हमारे कल्याण की युक्ति छिपी रहती है इसी प्रकार गुरुजनों का मार्गदर्शक भी परम कल्याणकारी है बाबा हठ योगी महाराज

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सम्पादक प्रमोद कुमार

हरिद्वार 22 मार्च 2025 (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद) गौरी शंकर गौशाला चंडी घाट हरिद्वार में महाशक्ति पुंज सेवा ट्रस्ट हरिपुर कला के तत्वाधान में जन कष्ट निवारण पुस्तक का विमोचन प्रख्यात संत परम पूज्य बाबा हठ योगी जी महाराज के कर कमल द्वारा किया गया इस अवसर पर बोलते हुए बाबा हठ योगी महाराज ने कहा इस प्रकार की पावन कल्याणकारी पुस्तक मानव जीवन को सार्थकता प्रदान करने वाली होती हैं इन पुस्तकों के अध्ययन मात्र से मिलने वाला मार्गदर्शन हमारे मानव जीवन का उध्दार कर देता है जिस प्रकार राम से बड़ा भगवान राम का नाम जिसे पत्थरों पर लिखने मात्र से पत्थर तैरने लगते और एक बड़े सेतु के रूप में निर्मित हो जाते हैं इसी प्रकार जो भक्त अपने जीवन में भगवान राम के नाम का उच्चारण अपने मुख से करता है उसके जीवन में सुख शांति वैभव और समृद्धि की वर्षा होती है और इस परलोक से चले जाने के बाद भवसागर में उसे पार करने के लियें राम नाम की नैया किनारे पर खड़ी मिलती है हमारी सनातन संस्कृति भगवान राम द्वारा स्थापित प्राचीन संस्कृति है संत साधक ऋषि मुनि उसी प्राचीन सनातन संस्कृति का उद्घोष विश्व भर में करते हैं आज फिर भारत संपूर्ण विश्व में आध्यात्मिक धर्म गुरु के रूप में स्थापित हो रहा है इस अवसर पर बोलते हुए श्री महंत विश्वपुरी महाराज ने कहा जिस प्रकार मनुष्य के कल्याण की युक्ति हमारे धर्म ग्रंथो में लिखी है उसी प्रकार साधु संत ऋषि मुनियों द्वारा रचित पावन पुस्तके भी मानव जीवन कल्याण का माध्यम बनती है इसी प्रकार पावन पुस्तक जन्म कष्ट निवारण भी मानव कल्याण एवं उत्थान हेतु विश्व भर में उपयोगी सिद्ध होगी मानव कल्याण का माध्यम बनेगी गुरु का मार्गदर्शन हमारे मानव जीवन को सार्थक बना देता है सतगुरु द्वारा लिखी गई वाणी परम कल्याणकारी होती है गुरु जन द्वारा दिखाया गया मार्ग हमारे जीवन को सार्थकता प्रदान करता है कल्याण की ओर अग्रसर करता है और इस परलोक से चले जाने के बाद गुरु जी द्वारा दिए गये संस्कार और मार्गदर्शन हमारे परलोक को सुधार देता है कहने का तात्पर्य सिर्फ इतना है अगर इस मानव जीवन को अंतिम समय में भी भक्ति की और लगा लिया जाये जैसे मृत्यु के अंतिम समय में राक्षसी पुतना और राक्षसी ताड़का ने सच्चे हृदय से भगवान राम का नाम इस मुख से लिया तो उन्हें अंतिम समय में स्वर्ग से विमान लेने आया जब जागे तभी सवेरा कहने का मतलब यह है अगर इस मानव जीवन को सफल बनाना है तो भगवान हरि की भगवान श्री राम की भगवान श्री भोलेनाथ की या अपनी मां की इच्छा अनुसार अपने आराध्य की भक्ति करें और सदैव गुरु के वचनों का अनुसरण करते हुए इस जीवन को सार्थक करे क्योंकि हमारे सतगुरु इस पृथ्वी लोक पर साक्षात ईश्वर के प्रतिनिधि होते हैं उनके चरणों और वचनों की दिव्यता हमारे मानव जीवन को धन्य एवं सार्थक कर देती है जब-जब इस धरा पर भगवान अवतरित हुए हैं तो उन्हें भी सतगुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ी है इस अवसर पर संस्थापक महंत राम बालक पुरी महंत जगन्नाथ महाराज सह संरक्षक जेपी बडोनी उपाध्यक्ष पंडित सुनील शास्त्री उपाध्यक्ष उमेश गुप्ता उपाध्यक्ष नीतीश कोषाध्यक्ष पंडित राजवीर शर्मा उप कोषाध्यक्ष रामपाल साध्वी आरती महाराज पंडित अधीर कौशिक सुनील कुमार सहित भारी संख्या में संस्था के पदाधिकारी तथा लोग उपस्थित थे कार्यक्रम की विशेष रिपोर्टिंग वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद ने कैमरामैन प्रवीण कश्यप व वरिष्ठ पत्रकार कमल अग्रवाल के साथ मिलकर संयुक्त रूप से की

 

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