एटक (हीप एवं सीएफएफपी) एवं सीपीआई के कार्यकर्ताओ ने आजादी के परवाने शहीद भगत सिंह,शहीद राजगुरु,शहीद सुखदेव को याद करते हुये उन्हे श्रद्धांजली अर्पित कर महान बलिदान को याद किया।
सम्पादक प्रमोद कुमार
हरिद्वार दिनांक 23 मार्च 2025 को एटक (हीप एवं सीएफएफपी) एवं सीपीआई के कार्यकर्ताओ ने भगत सिंह चौक पर आजादी के परवाने शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव को याद करते हुये उन्हे श्रद्धांजली अर्पित की तथा देश के लिये उनके महान बलिदान को याद किया।
 
इस दौरान उत्तराखण्ड एटक के अध्यक्ष का. एम.एस. त्यागी ने कहा कि भगत सिंह की सोच थी कि क्रान्तिकारी आन्दोलन देश को आजादी मिलने के बाद भी खत्म नही होगा यह तब तक चलता रहेगा जब तक इन्सान का इन्सान द्वारा शोषण करने वाली व्यवस्था का अन्त नही हो जाता है।
एटक (हीप) के वरि. उपाध्यक्ष संदीप चौधरी ने कहा कि भगत सिंह का मानना था कि समाज का कल्याण समाजवाद के आधार पर ही किया जा सकता है। भगत सिंह के संगठन नौजवान सभा ने लाला लाजपत राय के नेतृत्व मे मजदूरो एवं किसानो को कुचलने के लिये अंग्रेजो द्वारा भेजे गये साइमन कमिशन का विरोध किया। वायसराय द्वारा विशेष अधिकारो का प्रयोग करते हुये ट्रेड्स डिसप्युट एक्ट और पब्लिक सेफ्टी बिल का असेम्बली मे भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने बम फेंकर विरोध किया।
एटक हीप के अध्यक्ष अजित सिंह ने कहा कि लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला सांडर्स को मार कर लेने एवं देश के अन्दर क्रांति की ज्वाला जलाने के ध्येय के प्रति शहीद भगत सिंह का हम सम्मान करते है एवं उनके त्याग , साहस को कभी भुलाया नही जा सकता है।
एटक (सीएफएफपी) के महामंत्री परमाल सिंह ने कहा कि भगत सिंह अन्याय पर आधारित व्यवस्था को बदलना चाहते थे , वह मजदूरो एवं शोषितो को उनका हक दिलाना चाहते थे।
एटक (हीप) के संरक्षक मनमोहन कुमार ने कहा कि एटक यूनियन का मानना है कि आज केन्द्र सरकार किसान एवं मजदूर को फिर से बेडियो मे जकडना चाहती है। बैंक, बीमा, रेल, भेल आदि एवं अन्य सार्वजनिक क्षेत्रो को निजी हाथो मे सौंपना चाहती है।
एटक के जिलाध्यक्ष मुनरिका यादव ने कहा कि मजदूरो की रक्षा के लिये अंग्रेजो से लडकर बनवाये गये कानूनो को खत्म कर रही है। इस प्रकार की सोच भगत सिंह के विचारो के बिल्कुल विपरित है एवं अब देश का युवा,मजदूर, किसान जाग रहा है तथा अब वह इस प्रकार का शोषण बर्दाश्त नही करेगा एवं सरकार के खिलाफ एक बडा संघर्ष तैयार हो रहा है, सरकार अपनी मजदूर विरोधी नीतियो से पीछे हटना होगा वरना मजदूर सरकारो को हटाना अच्छे से जानते है।
इस दौरान, मनमोहन कुमार, , संदीप चौधरी, गोपाल शर्मा, अजित सिंह, परमाल सिंह, मुनारिका यादव, अशोक शर्मा , राजू चौधरी , गजेन्द्र कुमार, विकास चौधरी, हिमांशु कुमार, सुरेन्द्र कुमार, जितेंद्र कुमार, तरुण डूडेजा, भुवन भट, सतीश कुमार, वी. के. सिन्हा, विक्रम नेगी, के. के. लाल, पवन शर्मा, भूषण मेहता, राजीव शर्मा, सतेन्द्र कटारिया, जितेन्द्र प्रसाद, संजीव कुमार, राजबीर सिंह पंवार, अजय धीमान, नीरज परिहार आदि उपस्थित रहे।

